
बिलासपुर। सीपत थाना क्षेत्र के ग्राम फरहदा में जमीन विवाद और कथित मानसिक प्रताड़ना से परेशान होकर कीटनाशक सेवन करने वाले ग्रामीण की इलाज के दौरान मौत हो गई। घटना से आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने शनिवार को फरहदा चौक पर शव रखकर चक्काजाम कर दिया और आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। करीब दो घंटे तक चले प्रदर्शन के कारण आवागमन प्रभावित रहा।
जानकारी के अनुसार ग्राम फरहदा निवासी कनक पटेल परिवार सहित बजरंग चौक स्थित सरकारी भूमि पर बने मकान में रहता था। परिजनों का आरोप है कि पड़ोसी बलराम यादव लगातार मकान खाली कराने का दबाव बना रहा था। 23 और 24 मई को वह एक बुजुर्ग महिला के साथ कनक के घर पहुंचा और जमीन को महिला की बताते हुए मकान खाली करने की बात कही। विरोध करने पर गाली-गलौज, मारपीट और धमकी देने का आरोप है।
परिजनों के मुताबिक 25 मई को बलराम यादव फिर घर पहुंचा और एक घंटे के भीतर मकान खाली करने की धमकी दी। इसी दिन वह अपने साले अनिल के साथ कनक के घर आया, जहां दोनों ने आंगन में बकरा काटा, शराब पी और मांस पकाया। इस घटना से कनक काफी भयभीत हो गया और मानसिक दबाव में आकर उसने घर में रखे कीटनाशक का सेवन कर लिया।
गंभीर हालत में उसे सिम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां शनिवार को उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। मौत की खबर मिलते ही ग्रामीणों और परिजनों ने शव सड़क पर रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया।
कनक के भाई सक्रेत पटेल ने आरोप लगाया कि 24 मई को मारपीट की घटना के बाद कनक शिकायत दर्ज कराने सीपत थाना गया था, लेकिन पुलिस ने रिपोर्ट नहीं लिखी। वहीं सीपत थाना प्रभारी राजेश मिश्रा ने इस आरोप से इनकार करते हुए कहा कि 24 या 25 मई को कनक पटेल अथवा उसके परिवार का कोई सदस्य शिकायत लेकर थाने नहीं आया था।
प्रदर्शन की सूचना पर मौके पर पहुंचीं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) मधुलिका सिंह ने आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया। उन्होंने बताया कि दर्ज अपराध में आवश्यक धाराएं बढ़ाने तथा आरोपी पर सरकारी जमीन पर कब्जा कर बिक्री करने के आरोपों की भी जांच की जाएगी।
उल्लेखनीय है कि कनक की हालत बिगड़ने के बाद शुक्रवार को उसकी बहन मायेन, पुत्र सक्रेत और पत्नी परमेश्वरी सीपत थाने पहुंचे थे, जहां पुलिस ने प्रारंभिक रूप से साधारण धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था। अब मौत के बाद मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
