
बिलासपुर। पुलिस विभाग में प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) रजनेश सिंह ने जिले के सात निरीक्षकों (टीआई) का तत्काल प्रभाव से तबादला कर नई पदस्थापनाएं की हैं। जारी आदेश के अनुसार संबंधित अधिकारियों को नए पदस्थापना स्थल पर तत्काल आमद देकर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं।
आदेश के मुताबिक तखतपुर थाना प्रभारी विवेक पांडेय को कोनी थाना प्रभारी बनाया गया है, जबकि कोनी थाना प्रभारी राजश्री दामू कोसले को सीएसपी कोतवाली कार्यालय में अटैच किया गया है। अजाक थाने में पदस्थ निरीक्षक उमेश साहू को सकरी थाना प्रभारी की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
वहीं निरीक्षक विजय चौधरी को एसएसपी कार्यालय स्थित समंस, वारंट एवं शिकायत शाखा का प्रभार दिया गया है। पुलिस लाइन में पदस्थ निरीक्षक अवनीश पासवान को तखतपुर थाना प्रभारी नियुक्त किया गया है। इसी तरह पुलिस लाइन में पदस्थ उत्तम कुमार साहू को अजाक थाने का प्रभारी बनाया गया है।
एसएसपी कार्यालय से जारी आदेश की प्रतिलिपि पुलिस महानिरीक्षक बिलासपुर रेंज, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक और जिले के सभी राजपत्रित अधिकारियों को भेजी गई है।
रतनपुर थाना प्रभारी की भी चर्चा
तबादला सूची में उस निरीक्षक की भी पदस्थापना चर्चा का विषय बनी हुई है, जिन पर पूर्व में एक पुलिस मुखबिर और उसके नाबालिग बच्चों से मारपीट के आरोप लगे थे। उन्हें एक बार फिर रतनपुर थाना प्रभारी की जिम्मेदारी सौंपे जाने को लेकर पुलिस महकमे में चर्चाओं का दौर जारी है।
कोटा थाने की कमान प्रशिक्षु डीएसपी को
इससे पहले दो दिन पूर्व प्रशिक्षु डीएसपी आकाश चौधरी को कोटा थाना प्रभारी का प्रभार सौंपा गया था। उन्हें थाने की संपूर्ण जिम्मेदारी दी गई है। वहीं पूर्व थाना प्रभारी नरेश चौहान को एसडीओपी कार्यालय में अटैच किया गया है।
पचपेड़ी टीआई के खिलाफ सरपंचों की शिकायत
इधर पचपेड़ी थाना प्रभारी के खिलाफ सरपंचों ने एसएसपी से शिकायत की है। सरपंच संघ की ओर से सौंपे गए ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि जलसो गांव में 41 पाव शराब के साथ पकड़े गए एक कथित कोचिया को नहीं छोड़ने पर थाना प्रभारी ने सरपंचों के साथ अभद्र व्यवहार और गाली-गलौज की।
शिकायत में मामले की निष्पक्ष जांच कर उचित कार्रवाई की मांग की गई है। हालांकि पुलिस विभाग की ओर से इस संबंध में अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
पुलिस विभाग में हुए इस फेरबदल को कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
