

बिलासपुर। भीषण गर्मी के बीच खपरगंज क्षेत्र में करीब 17 घंटे तक बिजली गुल रहने से लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। गुरुवार शाम 6 बजे 11 केवी लाइन में आए बड़े फाल्ट के कारण क्षेत्र के तीन ट्रांसफार्मर बंद हो गए, जिससे सैकड़ों घरों की बिजली आपूर्ति ठप हो गई। लंबे समय तक समस्या का समाधान नहीं होने पर नाराज नागरिकों ने रात में मौके पर पहुंचे बिजली विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों का विरोध किया।
स्थानीय लोगों के अनुसार बार-बार शिकायत करने के बावजूद कई घंटों तक कोई कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा। इससे परेशान कुछ लोग गोलबाजार स्थित बिजली कार्यालय पहुंचे, जिसके बाद रात करीब 11 बजे गोलबाजार जोन के जूनियर इंजीनियर देवसिंह कंवर और पेट्रोलिंग टीम क्षेत्र में पहुंची। लोगों का आरोप है कि फाल्ट का निरीक्षण करने के बाद टीम ने दूसरी टीम भेजने की बात कही, जिससे रहवासियों का आक्रोश और बढ़ गया।
नाराज लोगों ने अधिकारियों और कर्मचारियों को क्षेत्र की गलियों में ले जाकर बिजली व्यवस्था की बदहाल स्थिति दिखाई और तत्काल सुधार कार्य शुरू करने की मांग की। स्थिति तनावपूर्ण होने पर स्थानीय पार्षद शहजादी कुरैशी भी मौके पर पहुंचीं और लोगों को समझाइश दी। इसके बाद रात करीब 1 बजे कर्मचारियों को जाने दिया गया।
बताया गया कि मामले की मौखिक सूचना सिटी कोतवाली पुलिस को भी दी गई थी, लेकिन शुक्रवार तक किसी पक्ष की ओर से लिखित शिकायत दर्ज नहीं कराई गई।
सुबह तक बहाल हुई बिजली
11 केवी लाइन में आए तकनीकी फाल्ट को दूर करने के लिए विभागीय टीम ने रातभर काम किया। करीब 17 घंटे बाद शुक्रवार को दोपहर के आसपास बिजली आपूर्ति सामान्य हो सकी। लंबे समय तक बिजली नहीं रहने से लोगों को गर्मी और पेयजल जैसी समस्याओं का भी सामना करना पड़ा।
शहर के अन्य इलाकों में भी संकट
खपरगंज के अलावा शहर के कई अन्य क्षेत्रों में भी बिजली व्यवस्था चरमराई रही। मंगला स्थित भाटिया रेसिडेंसी में पिछले तीन दिनों से लो-वोल्टेज की समस्या बनी हुई है। रहवासियों का कहना है कि फ्यूज कॉल सेंटर और 1912 पर शिकायत के बावजूद समाधान नहीं हुआ।
वहीं वसंत विहार, राजकिशोर नगर और पटवारी प्रशिक्षण केंद्र के आसपास दिनभर में कई बार ट्रिपिंग और अघोषित बिजली कटौती की शिकायतें सामने आईं। जोरापारा क्षेत्र में भी करीब छह घंटे तक बिजली गुल रहने से लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी।
विभाग ने किया बंधक बनाए जाने के दावे से इनकार
नेहरू नगर डिवीजन के कार्यपालन यंत्री बी.बी. नेताम ने बंधक बनाए जाने की घटना से इनकार किया है। उनका कहना है कि खपरगंज स्थित 11 केवी लाइन में बड़ा फाल्ट आने के कारण सुधार कार्य में समय लगा। इससे लोग नाराज जरूर थे, लेकिन अधिकारियों या कर्मचारियों को बंधक बनाए जाने जैसी कोई घटना नहीं हुई।
बिजली संकट को लेकर लगातार बढ़ रही शिकायतों के बीच उपभोक्ताओं का कहना है कि गर्मी के मौसम में बार-बार होने वाली कटौती और तकनीकी खामियों के स्थायी समाधान के लिए विभाग को प्रभावी कदम उठाने चाहिए।
