
बिलासपुर। शहर के व्यापार विहार क्षेत्र में पर्यावरण और जनस्वास्थ्य से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है। छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल ने सोमवार को गुंबर पेट्रोल पंप के पास स्थित अमरान बैटरी दुकान पर कार्रवाई करते हुए प्रयुक्त लेड-एसिड बैटरियों से भरे एक मेटाडोर को जब्त किया। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि लाखों रुपये मूल्य की पुरानी बैटरियां बिना वैध दस्तावेजों के नागपुर भेजी जा रही थीं। मामले में जीएसटी विभाग ने भी जांच शुरू कर दी है।
पर्यावरण संरक्षण मंडल की टीम को सूचना मिली थी कि दुकान परिसर में पुरानी बैटरियों को मेटाडोर क्रमांक सीजी 07 डीई 0986 में लोड किया जा रहा है। जांच के दौरान अधिकारियों ने पाया कि बैटरियों से निकलने वाले एसिडयुक्त पानी को सीधे खुले नाले में बहाया जा रहा था, जिससे पर्यावरण प्रदूषण और आसपास के लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा उत्पन्न हो रहा था।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह गतिविधि लंबे समय से चल रही थी। बैटरियों से निकलने वाले तेजाब की तीखी गंध के कारण आसपास के क्षेत्र में रहना और सांस लेना मुश्किल हो गया था। शिकायत मिलने पर पर्यावरण संरक्षण मंडल की टीम ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की।
जांच के दौरान परिवहन से संबंधित वैध दस्तावेज और आवश्यक अनुमति प्रस्तुत नहीं किए जा सके। इसके बाद अधिकारियों ने तत्काल बैटरियों से भरे मेटाडोर को जब्त कर लिया। जीएसटी दस्तावेजों के अभाव में कर चोरी के पहलू की भी जांच की जा रही है।
सूत्रों के अनुसार, बैटरियों की खेप नागपुर के किसी कबाड़ या रीसाइक्लिंग प्लांट भेजी जानी थी। अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि यह पुरानी बैटरियां प्रदेश के किन-किन स्थानों से एकत्र की गई थीं और इस पूरे नेटवर्क के पीछे कौन लोग शामिल हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार प्रयुक्त लेड-एसिड बैटरियां खतरनाक अपशिष्ट की श्रेणी में आती हैं। इनमें मौजूद लेड और सल्फ्यूरिक एसिड यदि खुले वातावरण या मिट्टी में पहुंच जाएं, तो भूजल प्रदूषित होने के साथ त्वचा रोग, श्वसन संबंधी बीमारियों और तंत्रिका तंत्र पर गंभीर दुष्प्रभाव पड़ सकते हैं।
पर्यावरण संरक्षण मंडल के अधिकारियों ने बताया कि मामले की विस्तृत जांच की जा रही है। जांच के आधार पर पर्यावरण संरक्षण अधिनियम तथा अन्य संबंधित कानूनों के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी।
