

बिलासपुर। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (एसईसीआर) के बिलासपुर रेल मंडल में 48 घंटे के भीतर दूसरा रेल हादसा सामने आया है। सोमवार दोपहर करगी रोड रेलवे स्टेशन पर डाउन मेन लाइन से गुजर रही एक मालगाड़ी ट्रैक पर पड़ी जेसीबी मशीन की बकेट से टकरा गई। टक्कर के बाद इंजन के पीछे लगे तीन वैगन पटरी से उतर गए। हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन प्लेटफॉर्म नंबर-2 पर रेल संचालन कुछ समय के लिए प्रभावित रहा।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार सोमवार दोपहर करीब 2:20 बजे मालगाड़ी पीसीएमसी से आकर करगी रोड स्टेशन की डाउन मेन लाइन नंबर-3 से गुजर रही थी। इसी दौरान लोको पायलट ने ट्रैक पर जेसीबी की बकेट पड़ी देख तत्काल इमरजेंसी ब्रेक लगाए, लेकिन ट्रेन और बाधा के बीच दूरी कम होने के कारण मालगाड़ी समय पर नहीं रुक सकी। टक्कर इतनी तेज थी कि इंजन के पीछे लगे पहला, तीसरा और छठवां वैगन पटरी से उतर गए।
घटना की सूचना मिलते ही रेलवे के इंजीनियरिंग, परिचालन और तकनीकी विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं और राहत एवं बहाली कार्य शुरू किया गया। इस दौरान एक डिरेल वैगन के नीचे जेसीबी की बकेट फंस जाने से वैगनों को दोबारा पटरी पर चढ़ाने में अतिरिक्त समय लगा। बाद में विशेष उपकरणों की सहायता से बकेट हटाकर ट्रैक बहाली का कार्य पूरा किया गया।
हादसे के चलते प्लेटफॉर्म नंबर-2 पर रेल परिचालन प्रभावित रहा। हालांकि रेलवे ने अन्य उपलब्ध लाइनों से ट्रेनों का संचालन जारी रखा, जिससे यातायात पूरी तरह बाधित नहीं हुआ।
48 घंटे में दूसरा हादसा, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
प्रारंभिक जांच में दुर्घटना का कारण ट्रैक पर पड़ी जेसीबी की बकेट माना जा रहा है। हालांकि रेलवे अधिकारियों का कहना है कि हादसे के वास्तविक कारणों का पता विस्तृत तकनीकी जांच के बाद ही चल सकेगा। वरिष्ठ अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण कर ट्रैक, पॉइंट्स, वैगनों और अन्य तकनीकी पहलुओं की जांच शुरू कर दी है।
गौरतलब है कि इससे पहले शनिवार को बिलासपुर रेलवे स्टेशन से कुछ दूरी पर भी एक मालगाड़ी डिरेल हो गई थी। लगातार 48 घंटे के भीतर दूसरी रेल दुर्घटना होने से बिलासपुर रेल मंडल में ट्रैक सुरक्षा, रखरखाव और कार्यस्थल प्रबंधन को लेकर सवाल उठने लगे हैं। रेलवे ने मामले की जांच के आदेश देते हुए जिम्मेदार कारणों का पता लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
