

बिलासपुर। मानसून से पहले नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने प्रदेश के सभी नगर निगम, नगर पालिका और नगर पंचायतों को अलर्ट जारी करते हुए 15 सख्त निर्देश दिए हैं। विभाग ने साफ कहा है कि नालों की अधूरी सफाई, जल निकासी में बाधा और खराब पेयजल व्यवस्था को गंभीरता से लिया जाएगा। कहीं भी गंदा पानी सप्लाई होने की शिकायत मिलने पर तत्काल जलापूर्ति बंद कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
बारिश के दौरान जलभराव, गंदे पानी या अन्य आपात स्थिति की शिकायत मिलने पर त्वरित कार्रवाई के लिए हर निकाय में क्विक रिस्पांस टीम (QRT) तैनात की जाएगी। साथ ही 24 घंटे संचालित होने वाले फ्लड कंट्रोल रूम स्थापित किए जाएंगे, जहां नागरिक शिकायत दर्ज करा सकेंगे।

विभाग ने बड़े और छोटे नालों-नालियों की पूर्ण सफाई, निकाले गए कचरे और मलबे का तत्काल उठाव तथा जल निकासी में बाधा बनने वाले अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए हैं। सड़क और नालों के किनारे निर्माण सामग्री छोड़ने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
आदेश हर साल, समस्या अब भी बरकरार
सरकार के निर्देशों के बीच शहर के कई इलाकों में गंदे और बदबूदार पानी की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। सरकंडा के नेपाली मोहल्ला के पीछे करीब 50 परिवार पिछले 14 दिनों से दूषित पानी की समस्या से जूझ रहे हैं। रहवासियों की शिकायत के बावजूद निगम अब तक यह पता नहीं लगा सका है कि पाइपलाइन में गंदा पानी किस स्थान से मिल रहा है।

इसके अलावा तालापारा, तारबाहर के आदिवासी मोहल्ला, मगरपारा और कुम्हारपारा सहित कई क्षेत्रों से भी मटमैले और बदबूदार पानी की शिकायतें मिली हैं। खासकर अमृत मिशन की पाइपलाइन से मिलने वाले पानी की गुणवत्ता को लेकर लोगों में नाराजगी है।
निगम का दावा: पानी सुरक्षित, रोज लिए जा रहे सैंपल
जल शाखा के प्रभारी एवं कार्यपालन अभियंता अनुपम तिवारी के अनुसार सरकंडा क्षेत्र में टीम लगातार काम कर रही है। प्रतिदिन 50 से 60 पानी के नमूनों की जांच की जा रही है। उनका कहना है कि अमृत मिशन के पानी के स्वाद में अंतर हो सकता है, लेकिन पानी दूषित नहीं है। जहां-जहां से शिकायत मिल रही है, वहां जांच दल भेजे जा रहे हैं।
नाला सफाई अभियान में देरी पर सवाल
पिछले वर्ष 1 मई से 30 जून तक विशेष गाद निकासी एवं नाला सफाई अभियान चलाया गया था, जिसमें 8 जेसीबी, 8 मिनी पोकलेन, 2 बड़ी पोकलेन मशीनें और 80 अतिरिक्त सफाईकर्मी लगाए गए थे। इस वर्ष अभियान की शुरुआत देर से होने और काम की धीमी गति को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
पुरानी सब्जी मंडी से साइंस कॉलेज जाने वाले मार्ग पर शिव मंदिर के पास नाले में कचरा जमा होने से जल निकासी प्रभावित होने की शिकायत भी सामने आई है।
109 नालियों की सफाई का दावा
नगर निगम का कहना है कि जलभराव की समस्या से बचाव के लिए शहर में विशेष सफाई अभियान चलाया जा रहा है। निगम के अनुसार पहले चरण में अब तक 109 बड़ी नालियों की सफाई पूरी की जा चुकी है, जबकि 10 नाला-नालियों पर कार्य जारी है। इस सप्ताह 16 बड़े नालों की सफाई पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है। दूसरे चरण में बारिश से पहले पुनः सफाई कराई जाएगी। अभियान में 47 मशीनें और 604 सफाईकर्मी लगाए गए हैं।
पेयजल शिकायत के लिए संपर्क
- जोन-1 सकरी: हितेश मक्कड़ – 9907826133
- जोन-2 तिफरा: आशीष कुमार गुप्ता – 7987003705
- जोन-3, 4, 5: भूषण पैकरा – 7745902646, धर्मेन्द्र जोशी – 9827994849
- जोन-6 तोरवा: चन्द्रशेखर साहू – 8770705880
- जोन-7 सरकंडा: गोपाल अग्रवाल – 9340969140
- जोन-8 कोनी: देवनारायण मरकाम – 8770786315
बारिश से पहले सरकार के सख्त निर्देश और निगम के दावों के बीच सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या इस बार शहरवासियों को गंदे पानी और जलभराव की समस्या से वास्तव में राहत मिल पाएगी।
