
बिलासपुर। तारबाहर क्षेत्र में घरेलू गैस सिलेंडर की फर्जी डिलीवरी दिखाकर उपभोक्ताओं के नाम पर धोखाधड़ी और कूटरचना का मामला सामने आया है। शिकायत के आधार पर तारबाहर पुलिस ने विनोद गैस एजेंसी (भारत गैस) के संचालक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
तोरवा स्थित शांति विहार निवासी मनीष मिश्रा ने 12 मार्च को घरेलू गैस सिलेंडर की बुकिंग कराई थी। कई दिन बीत जाने के बाद भी सिलेंडर उनके घर नहीं पहुंचा। इस पर उन्होंने कंपनी के मोबाइल ऐप में स्टेटस चेक किया, जहां 18 मार्च को सिलेंडर की डिलीवरी दर्शाई गई थी। ऐप में 1002 रुपए भुगतान दर्ज था, जबकि न तो सिलेंडर घर पहुंचा और न ही किसी डिलीवरी कर्मचारी को भुगतान किया गया था।
शिकायतकर्ता ने जब अपने पुराने रिकॉर्ड की जांच की तो चौंकाने वाली जानकारी सामने आई। आरोप है कि उनके नाम पर पिछले कुछ महीनों में करीब 10 बार सिलेंडर डिलीवरी दर्ज की गई, जबकि आधिकारिक गैस कार्ड में केवल 3 बार ही वास्तविक डिलीवरी की एंट्री मिली।
पीड़ित ने आशंका जताई है कि एजेंसी संचालक और डिलीवरी कर्मचारियों की मिलीभगत से फर्जी डिलीवरी दिखाकर सिलेंडरों को खुले बाजार में बेचा गया। मामले में सरकारी रिकॉर्ड और उपभोक्ता अधिकारों से छेड़छाड़ की भी बात सामने आ रही है।
इधर, गैस सिलेंडरों की किल्लत के बीच कालाबाजारी की शिकायतें भी बढ़ रही हैं। बताया जा रहा है कि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के कारण देश में एलपीजी आपूर्ति प्रभावित हुई है, जिसका फायदा कुछ एजेंसियां और बिचौलिए उठा रहे हैं। शुरुआती दौर में खाद्य विभाग ने सख्ती दिखाई थी, लेकिन हाल के दिनों में कार्रवाई धीमी पड़ने की बात कही जा रही है।
तारबाहर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि रिकॉर्ड और डिलीवरी विवरण की जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
