भारत की आर्थिक प्रगति के साथ ही हिन्दी की वैश्विक स्वीकार्यता बढ़ेगी- डॉ संजय अनंत


भारत सरकार के उपक्रम SECL ( साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड) के मैनेजमेंट डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट ( MDI ) बिलासपुर में आयोजित हिन्दी राजभाषा कार्यशाला में आज़ अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त लेखक, समीक्षक , द फिल्म फाउंडेशन ट्रस्ट के नेशनल वाइस प्रेसीडेंट डॉ. संजय अनंत ने
“भूमंडलीकरण( Globalization )के युग में हिन्दी “
विषय पर बहुत रोचक प्रस्तुति दी,इस सत्र में SECL मुख्यालय एवं विभिन्न माइनिंग एरिया से आमंत्रित अधिकारी , प्रबंधक , कर्मचारी उपस्थित रहे
डॉ. संजय अनंत, सत्र को संबोधित करते हुए ये बताया की वर्तमान अर्थ प्रधान मानव समाज में भाषा का विकास और प्रसार उस देश की आर्थिक प्रगति के साथ सीधा जुड़ा है। आज यूरोप में चाइनीज़ सब से ज्यादा सीखी जाने वाली विदेशी भाषा है , क्यों कि चीन अब वैश्विक शक्ति बन चुका है।


सार्वजनिक क्षेत्र के अतिरिक्त निजी क्षेत्र में हिन्दी अनुप्रयोग बढ़े, तभी हिन्दी का व्यावहारिक उपयोग भी बढ़ेगा। वर्तमान में निजी क्षेत्र की सारी कंपनियां अपना कामकाज अंग्रेजी में ही करती है। हिन्दी के वैश्विक विकास में , सूरीनाम, वेस्टइंडीज, मॉरिशस , फिजी , इत्यादि देशों बसे भारत वंशी व प्रवासी भारतीय अपना अमूल्य योगदान दे रहे है।
अशोक कुमार श्रीवास, सहायक अभियंता सीईडब्ल्यू एस गेवरा औरमोहम्मद ईदू , वरिष्ठ अनुवादक राजभाषा विभाग ने पुष्प गुच्छ से डॉ. संजय अनंत का स्वागत किया
संतोष कुमार श्रीवास
डाटा एंट्री ऑपरेटर ग्रेड भी
राजभाषा विभाग ने राजभाषा इस कार्यशाला सभी सम्मिलित अधिकारियों व प्रशिक्षु गण से डॉ संजय अनंत का परिचय करवाया।

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