
बिलासपुर जिले में डीजल की कमी का असर अब सार्वजनिक परिवहन और माल परिवहन दोनों पर साफ दिखाई देने लगा है। पर्याप्त डीजल नहीं मिलने के कारण जिले में 100 से अधिक बसों का संचालन प्रभावित हुआ है, जबकि कई लंबी दूरी की बसें पूरी तरह बंद कर दी गई हैं। हालात ऐसे हैं कि कई रूटों पर यात्रियों से तय किराए से 10 से 15 रुपए अधिक वसूले जाने की शिकायतें भी सामने आने लगी हैं।
बस संचालकों के अनुसार जिले में रोजाना कोरबा, मुंगेली, लोरमी, सारंगढ़, कोटा और कवर्धा समेत विभिन्न रूटों पर 400 से अधिक बसें संचालित होती हैं, लेकिन डीजल संकट के चलते कई बसें खड़ी करनी पड़ी हैं। पेट्रोल पंपों पर एक बस को केवल 3 हजार रुपए तक का ही डीजल दिया जा रहा है, जिससे पूरा रूट संचालित करना मुश्किल हो गया है।
इसी वजह से लोरमी रूट पर चलने वाली चार बसों में से दो बंद कर दी गई हैं। वहीं अमरकंटक और प्रयागराज रूट की भी कई बसें प्रभावित हुई हैं। हाईटेक बस स्टैंड में 50 से अधिक लंबी दूरी की बसें खड़ी रहीं, जबकि कम दूरी की गाड़ियां ही किसी तरह सड़कों पर चल रही हैं।
यात्रियों ने आरोप लगाया है कि डीजल की कमी का हवाला देकर कई बस संचालक अतिरिक्त किराया वसूल रहे हैं। कोटा रूट पर 41 रुपए की जगह 50 रुपए तक किराया लिया जा रहा है। इसी तरह लोरमी, कवर्धा, रायपुर और कोरबा रूटों पर भी किराए में 10 से 15 रुपए तक की बढ़ोतरी की शिकायतें मिली हैं। कुछ यात्रियों ने टिकट नहीं देने का आरोप भी लगाया है।
डीजल संकट का असर ऑटो परिवहन पर भी दिखाई दे रहा है। शहर और ग्रामीण रूटों पर ऑटो चालक क्षमता से अधिक सवारियां बैठाकर अधिक किराया वसूल रहे हैं।
मंगलवार को मरहीमाता जा रही एक बस रास्ते में डीजल खत्म होने के कारण बीच रास्ते में ही रुक गई। ड्राइवर ने यात्रियों को बीच में उतार दिया, जिससे लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
जिलाध्यक्ष, यातायात बस महासंघ एसएस दुबे ने बताया कि पर्याप्त डीजल नहीं मिलने के कारण करीब सवा सौ बसें प्रभावित हुई हैं। हालांकि उन्होंने अधिक किराया लेने की शिकायत मिलने से इनकार किया।
उधर आरटीओ असीम माथुर ने कहा कि बसें बंद होने की जानकारी मिली है। किराया बढ़ोतरी की शिकायतों की जांच कराई जाएगी।
डीजल संकट का असर माल परिवहन पर भी पड़ा है। रायपुर रोड, तखतपुर रोड और मुंगेली रोड के कई पेट्रोल पंपों पर डीजल या तो खत्म हो चुका है या सीमित मात्रा में दिया जा रहा है। कई पंपों पर केवल 20 लीटर तक डीजल मिल रहा है। इसके चलते लंबी दूरी के ट्रांसपोर्टरों ने नई बुकिंग लेना बंद कर दिया है।
बिलासपुर से विशाखापट्टनम, रायबरेली, दिल्ली और कोलकाता जैसे रूटों पर चलने वाले भारी वाहनों ने माल लोड करने से मना कर दिया है। इसका असर रोजमर्रा की वस्तुओं की सप्लाई पर भी पड़ रहा है। चावल, आटा, खाद्य तेल, दाल, मसाले, सीमेंट और कोयले की सप्लाई प्रभावित हो रही है, वहीं आलू, प्याज, फर्नीचर, कपड़ा और इलेक्ट्रॉनिक्स सामान की आवक भी प्रभावित होने लगी है।
फूड कंट्रोलर अमृत कुजूर ने कहा कि डीजल की कमी की स्थिति एक-दो दिन में सुधरने की उम्मीद है। ऑयल कंपनियों से लगातार संपर्क किया जा रहा है और सप्लाई प्रभावित करने वाले पंपों की जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
वहीं ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के पदाधिकारी अशोक श्रीवास्तव ने बताया कि इस समस्या को लेकर कलेक्टर से मुलाकात की गई है और प्रशासन ने जल्द स्थिति सामान्य करने का आश्वासन दिया है।
