

बिलासपुर के सरकंडा क्षेत्र स्थित वार्ड क्रमांक 60 और 62 में पेयजल संकट गहरा गया है। इलाके के करीब 150 घरों में पिछले पांच से छह दिनों से बदबूदार और गंदा पानी सप्लाई हो रहा है। स्थिति ऐसी है कि लोग निजी बोरवेल और टैंकरों के भरोसे पानी की व्यवस्था करने को मजबूर हैं।
सबसे ज्यादा परेशानी कच्छ गुर्जर भवन, नेपाली मोहल्ला और अग्रवाल किराना स्टोर के आसपास रहने वाले लोगों को हो रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि नलों से लगातार कीचड़युक्त और दूषित पानी आ रहा है, जिससे पीने के साथ-साथ दैनिक उपयोग में भी दिक्कत हो रही है।
बुधवार को नगर निगम जल विभाग की टीम ने क्षेत्र की पाइपलाइन की जांच की। जांच में तीन अलग-अलग स्थानों पर पाइपलाइन में फॉल्ट मिला। कई जगह पाइपों में बड़े छेद पाए गए, जिनसे नाली और जमीन का गंदा पानी सप्लाई लाइन में मिल रहा था। इसके बाद निगम कर्मचारियों ने करीब 20 फीट क्षतिग्रस्त पाइपलाइन बदलने का काम किया।
जल विभाग के कर्मचारियों के मुताबिक अशोक नगर क्षेत्र में चल रही खुदाई के दौरान मिट्टी और कचरा मुख्य पाइपलाइन में चला गया था। पिछले तीन दिनों से लाइन की लगातार सफाई की जा रही है।
हालांकि स्थानीय लोगों का आरोप है कि पिछले पांच दिनों से गंदा पानी आने के बावजूद जोन 8 के जिम्मेदार अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचे। लोगों का कहना है कि पूरी व्यवस्था निचले स्तर के कर्मचारियों के भरोसे छोड़ दी गई है।
वार्ड क्रमांक 62 के पूर्व पार्षद राजेश शुक्ला ने बताया कि पाइपलाइन में काफी मात्रा में गंदगी जमा होने के कारण दूषित पानी घरों तक पहुंच रहा था। फिलहाल 20 फीट पाइप बदला गया है। नई लाइन से पानी सप्लाई शुरू होने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।
वहीं नगर निगम जल विभाग के प्रभारी अनुपम तिवारी ने कहा कि पाइपलाइन से मिट्टी और कचरा निकालने का काम तेजी से किया जा रहा है। विभाग की टीम लगातार सफाई में जुटी हुई है और अगले एक-दो दिनों में पानी सप्लाई व्यवस्था सामान्य होने की उम्मीद है।
