अज्ञानता के कारण हो रहे धर्मांतरण, समाज को जागरूक करना जरूरी : प्रज्ञा परिमिता महाला

बिलासपुर में आयोजित दुर्गावाहिनी के सात दिवसीय शौर्य एवं संस्कार प्रशिक्षण शिविर में राष्ट्रीय संयोजिका प्रज्ञा परिमिता महाला ने कहा कि वर्तमान समय में धर्मांतरण केवल गरीबी या लालच के कारण नहीं, बल्कि सनातन धर्म के प्रति अज्ञानता की वजह से हो रहा है। उन्होंने कहा कि समाज को अपने धर्म, संस्कृति और इतिहास की सही जानकारी देना समय की आवश्यकता है।

पत्रवार्ता के दौरान महाला ने कहा कि दुर्गावाहिनी का उद्देश्य केवल विरोध करना नहीं, बल्कि समाज को वैचारिक और सांस्कृतिक रूप से मजबूत बनाना है। उन्होंने दावा किया कि संगठन के अभियानों के कारण कई स्थानों पर धर्मांतरण की घटनाओं पर रोक लगी है और लव जिहाद में फंसी अनेक युवतियों की घर वापसी भी कराई गई है।

उन्होंने बताया कि 15 से 35 वर्ष आयु वर्ग की युवतियों और महिलाओं के लिए सात दिवसीय शौर्य प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया गया है। शिविर में आत्मरक्षा, संस्कृति, राष्ट्रभावना और स्वावलंबन पर विशेष जोर दिया जा रहा है। महाला ने कहा कि बंगाल सहित देश के कई राज्यों में दुर्गावाहिनी पिछले कई वर्षों से सक्रिय रूप से कार्य कर रही है।

उसलापुर स्कूल में आयोजित इस शिविर में प्रदेश के 33 जिलों से आई बालिकाएं और महिलाएं भाग ले रही हैं। प्रशिक्षण के दौरान युवतियों को दंड (लाठी), निःयुद्ध (कराटे), योगासन और लक्ष्य भेदन का अभ्यास कराया जा रहा है। साथ ही कानून और महिला अधिकार विषय पर विशेष सत्र आयोजित कर कानूनी प्रावधानों की जानकारी भी दी जा रही है।

राष्ट्रीय संयोजिका ने कहा कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से शिविर में सिलाई और ब्यूटीशियन जैसे रोजगारमूलक प्रशिक्षण भी दिए जा रहे हैं। उनका कहना था कि समाज को छोटी-छोटी जरूरतों के लिए दूसरों पर निर्भर होने की प्रवृत्ति से बाहर निकलना होगा।

उन्होंने संगठन के पांच प्रमुख मान बिंदुओं — भारत की अखंडता, मातृशक्ति का सम्मान, गौ माता की सुरक्षा, मठ-मंदिरों की रक्षा और धर्मग्रंथों की सुरक्षा — को समाज के लिए महत्वपूर्ण बताया। महाला ने कहा कि महिलाओं को वैचारिक और शारीरिक रूप से सक्षम बनाकर समाज और संस्कृति की रक्षा के लिए तैयार किया जा रहा है।

दुर्गावाहिनी के अनुसार यह प्रशिक्षण अभियान वर्ष 1991 से लगातार चलाया जा रहा है। संगठन का दावा है कि अब तक देशभर में ढाई लाख से अधिक युवतियों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। शिविर में छात्राओं के साथ डॉक्टर, इंजीनियर, वकील और अन्य कामकाजी महिलाएं भी भाग ले रही हैं।

इस अवसर पर विहिप के जिलाध्यक्ष सौमित्र गुप्ता, पूर्णेदु सिन्हा, प्रेमलता बिसेन, प्रीति दुबे सहित अन्य पदाधिकारी और सदस्य उपस्थित रहे।

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