

महिलाओं को रजिस्ट्री शुल्क में 50 प्रतिशत छूट देने के राज्य सरकार के फैसले का असर अब साफ दिखाई देने लगा है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद जिले में जमीन, प्लॉट और मकान खरीदने का ट्रेंड तेजी से बदला है। अब जिला पंजीयक कार्यालय में होने वाली हर तीसरी रजिस्ट्री महिला के नाम पर हो रही है।
जानकारी के अनुसार 7 मई से लागू नई व्यवस्था के बाद केवल सात दिनों में महिलाओं को रजिस्ट्री शुल्क में 1 करोड़ 2 लाख 3 हजार 188 रुपए की छूट मिल चुकी है। लोग टैक्स और शुल्क में बचत के लिए अब पत्नी, मां और परिवार की अन्य महिलाओं के नाम पर संपत्ति खरीद रहे हैं।
रजिस्ट्री कार्यालय से जुड़े अधिकारियों के मुताबिक पहले महिलाओं के नाम पर रजिस्ट्रियों की संख्या काफी कम थी, लेकिन शुल्क में राहत मिलने के बाद इसमें तेजी से बढ़ोतरी हुई है। वर्तमान में प्रतिदिन होने वाली कुल रजिस्ट्रियों में लगभग 30 प्रतिशत रजिस्ट्रियां महिलाओं के नाम पर हो रही हैं।
सरकार द्वारा महिलाओं के लिए रजिस्ट्री शुल्क 4 प्रतिशत से घटाकर 2 प्रतिशत कर दिया गया है, जबकि पुरुषों के लिए शुल्क पहले की तरह ही लागू है। इससे लोगों को सीधे तौर पर आर्थिक लाभ मिल रहा है।
नई व्यवस्था के तहत 20 लाख रुपए की प्रॉपर्टी पर पहले 80 हजार रुपए शुल्क देना पड़ता था, जो अब घटकर 40 हजार रुपए रह गया है। इसी तरह 30 लाख रुपए की संपत्ति पर अब 1.20 लाख की जगह केवल 60 हजार रुपए शुल्क देना पड़ रहा है। वहीं 50 लाख रुपए की प्रॉपर्टी पर अब करीब 1 लाख रुपए तक की सीधी बचत हो रही है।
विशेषज्ञों का कहना है कि महिलाओं के नाम पर संपत्ति खरीदने के अन्य फायदे भी हैं। कई बैंकों द्वारा महिलाओं को होम लोन पर कम ब्याज दर की सुविधा दी जाती है। ऐसे में लोग अब निवेश और बचत दोनों को ध्यान में रखते हुए परिवार की महिलाओं के नाम संपत्ति खरीदने में अधिक रुचि दिखा रहे हैं।
रजिस्ट्री कार्यालय के अधिकारियों का मानना है कि आने वाले समय में महिलाओं के नाम पर होने वाली रजिस्ट्रियों की संख्या और बढ़ सकती है।
