

चकरभाठा पुलिस द्वारा भाठा खदान के पास पकड़ी गई करीब 2.60 लाख रुपए की एमडीएमए ड्रग्स मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। गिरफ्तार दोनों आरोपियों ने पूछताछ में स्वीकार किया है कि उन्हें यह नशीला पदार्थ पंजाब के एक सप्लायर से मिलता था, जो लंबे समय से बिलासपुर तक ड्रग्स की खेप पहुंचा रहा था।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी चंद्रेश बलेचा (29) और महेश वर्मा (21) ने मेमोरेंडम बयान में बताया कि वे पंजाब निवासी पम्मा उर्फ पवनदीप नामक सप्लायर के संपर्क में थे। दोनों आरोपी उससे एमडीएमए मंगाकर बिलासपुर और आसपास के युवाओं को ऊंचे दामों में बेचते थे।
मामले की गंभीरता को देखते हुए चकरभाठा पुलिस ने अब पंजाब के सप्लायर और उसके नेटवर्क की जांच तेज कर दी है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि छत्तीसगढ़ में किन-किन लोगों तक यह नेटवर्क फैला हुआ है और अन्य शहरों में भी इसकी सप्लाई की जा रही थी या नहीं।
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 21 (सी) और 29 के तहत मामला दर्ज किया है। जांच में यह भी सामने आया है कि युवाओं के माध्यम से पंजाब से छत्तीसगढ़ तक नशे का संगठित नेटवर्क संचालित किया जा रहा था।
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने मौके पर इलेक्ट्रॉनिक तराजू मंगाकर जब्ती प्रक्रिया पूरी की। संदिग्ध पदार्थ की जांच के लिए पुलिस मुख्यालय से उपलब्ध कराई गई प्रिकर्सर केमिकल डिटेक्शन किट का इस्तेमाल किया गया। जांच के दौरान केमिकल के संपर्क में आते ही पदार्थ का रंग हल्का बैंगनी हो गया, जिससे इसके एमडीएमए क्रिस्टल ड्रग्स होने की पुष्टि हुई।
इधर पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से तीन महंगे स्मार्टफोन भी जब्त किए हैं। साइबर सेल अब मोबाइल फोन की कॉल डिटेल, इंटरनेट कॉलिंग और व्हाट्सएप चैट की जांच कर रही है। पुलिस को आशंका है कि पंजाब का सप्लायर इंटरनेट कॉलिंग के जरिए आरोपियों के संपर्क में रहता था ताकि पुलिस की निगरानी से बचा जा सके।
फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है और आने वाले दिनों में इस मामले में और गिरफ्तारियां होने की संभावना जताई जा रही है।
