
बिलासपुर पुलिस ने ऑनलाइन सट्टा सिंडिकेट और संगठित अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन फरार सटोरियों के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी कराया है। एसएसपी की अनुशंसा पर केंद्रीय गृह मंत्रालय ने यह कार्रवाई की है। दुर्ग के बहुचर्चित महादेव सट्टा एप मामले के बाद छत्तीसगढ़ में किसी सट्टा गिरोह के खिलाफ यह दूसरी सबसे बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है।
पुलिस के अनुसार जिन आरोपियों के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी हुआ है, उनमें राज चेतानी, रोहित पंजवानी और सागर चेतवानी शामिल हैं। तीनों के खिलाफ बिलासपुर के विभिन्न थानों में सट्टेबाजी, जुआ एक्ट और धोखाधड़ी समेत कई गंभीर मामले दर्ज हैं। लंबे समय से फरार चल रहे ये आरोपी लगातार अपने ठिकाने बदलकर पुलिस से बचते रहे हैं।
जांच में सामने आया है कि आरोपी छत्तीसगढ़ से बाहर अलग-अलग राज्यों में रहकर ऑनलाइन सट्टा एप और आधुनिक तकनीकों के जरिए बिलासपुर सहित आसपास के जिलों में बड़े स्तर पर सट्टा कारोबार संचालित कर रहे हैं। पुलिस को आशंका थी कि ये आरोपी फर्जी दस्तावेजों या अन्य माध्यमों से विदेश भागने की कोशिश कर सकते हैं। इसी आशंका को देखते हुए केंद्रीय गृह मंत्रालय से लुकआउट सर्कुलर जारी कराया गया।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक राज चेतानी फिलहाल कोलकाता में छिपकर सट्टे का बड़ा नेटवर्क संचालित कर रहा है। उसके संपर्क में शहर के कई छोटे और मझोले सटोरिए भी बताए जा रहे हैं। पुलिस का दावा है कि दबाव बढ़ने पर वह नेपाल और आसपास के अन्य देशों में शरण लेता रहा है। वहीं सागर चेतवानी और रोहित पंजवानी भी देश के अलग-अलग राज्यों से सट्टे का अवैध कारोबार चला रहे हैं।
लुकआउट सर्कुलर जारी होने के बाद अब तीनों आरोपी देश छोड़कर विदेश नहीं जा सकेंगे। एयरपोर्ट और अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर उनकी निगरानी बढ़ा दी गई है।
एसएसपी बिलासपुर रजनेश सिंह ने कहा कि सट्टा और जुए के अवैध कारोबार से जुड़े लोगों के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा। केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा लुकआउट सर्कुलर जारी होने के बाद अब इन फरार सटोरियों की गतिविधियों पर और कड़ी नजर रखी जाएगी।
