

बिलासपुर। बिलासपुर-पेंड्रा नेशनल हाईवे के सबसे चुनौतीपूर्ण हिस्सों में शामिल केंदा घाट के निर्माण कार्य को लेकर बड़ी प्रगति हुई है। रतनपुर-मझवानी-केंदा मार्ग के तीसरे चरण अंतर्गत केंदा घाट में 5 किलोमीटर लंबी सड़क निर्माण के लिए 219 करोड़ रुपए का टेंडर जारी कर दिया गया है। टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद निर्माण एजेंसी का चयन कर शीघ्र वर्कऑर्डर जारी किया जाएगा।
केंदा घाट का यह हिस्सा बिलासपुर को गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले से जोड़ने वाला महत्वपूर्ण मार्ग है। वर्तमान में घाट क्षेत्र में ऊंचे पहाड़, गहरी खाइयां और भूस्खलन की आशंका के कारण आवागमन कठिन बना रहता है। यही वजह है कि बिलासपुर से पेंड्रा तक की यात्रा में अभी ढाई से तीन घंटे तक का समय लग जाता है। नई सड़क बनने के बाद यह समय घटकर करीब डेढ़ घंटे रह जाएगा।
अधिकारियों के अनुसार घाट क्षेत्र में पहाड़ों की कटिंग कर सीधा मार्ग तैयार किया जाएगा। इसके साथ ही सुरक्षा की दृष्टि से फ्लाईओवर, रिटेनिंग वॉल और अन्य सुरक्षा संरचनाओं का निर्माण भी किया जाएगा। दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों के कारण केवल 5 किलोमीटर सड़क निर्माण पर ही 219 करोड़ रुपए की लागत स्वीकृत की गई है।
तीन चरणों में विकसित हो रहा मार्ग
विभागीय अधिकारियों के मुताबिक रतनपुर-मझवानी-केंदा-केंवची मार्ग को तीन चरणों में विकसित किया जा रहा है। पहले और दूसरे चरण में कुल 310 करोड़ रुपए की लागत स्वीकृत की गई है। इनमें पहले चरण के लिए 140 करोड़ और दूसरे चरण के लिए 170 करोड़ रुपए निर्धारित किए गए हैं।
इन दोनों चरणों में 10 मीटर चौड़ी सड़क तैयार की जा रही है। पहाड़ी क्षेत्र होने के कारण संकरे और घुमावदार रास्तों को सीधा करने के लिए बड़े पैमाने पर कटिंग कार्य किया जा रहा है।
जीपीएम और मध्यप्रदेश तक बेहतर कनेक्टिविटी
नई सड़क परियोजना पूरी होने के बाद गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के साथ मध्यप्रदेश सीमा तक सीधा और तेज संपर्क स्थापित होगा। परियोजना के तहत कुल 77 किलोमीटर लंबी सड़क विकसित की जानी है।
लोक निर्माण विभाग के ईई आर.के. खांबरा के अनुसार अब तक 23 किलोमीटर सड़क निर्माण कार्य पूरा किया जा चुका है। विभाग ने बरसात से पहले 30 किलोमीटर तक सड़क निर्माण पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
