मेयर के वार्ड में पानी को लेकर फूटा गुस्सा, महिलाओं ने कलेक्टोरेट घेरा, बोलीं- शिकायत करते थक गए, न पानी मिला न सुनवाई; मेयर और जनप्रतिनिधियों पर उपेक्षा के आरोप

शशि मिश्रा

बिलासपुर। शहर में भीषण गर्मी के बीच पेयजल संकट अब जनआक्रोश में बदलने लगा है। शुक्रवार को नगर निगम के वार्ड क्रमांक 45 हेमूनगर स्थित अटल आवास की महिलाओं ने पानी की गंभीर समस्या को लेकर कलेक्टोरेट पहुंचकर प्रदर्शन किया और प्रशासन के खिलाफ जमकर नाराजगी जताई। महिलाओं ने आरोप लगाया कि पिछले एक वर्ष से लगातार शिकायतें करने के बावजूद न तो नगर निगम ने ध्यान दिया और न ही क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों ने समस्या के समाधान की गंभीर कोशिश की।

कलेक्टर की अनुपस्थिति में महिलाओं ने डिप्टी कलेक्टर को ज्ञापन सौंपते हुए साफ पेयजल उपलब्ध कराने और नए बोर खनन की मांग की। प्रदर्शन के दौरान महिलाओं ने कहा कि वार्ड में नल कनेक्शन तो है, लेकिन टंकी का पानी गंदा और उपयोग लायक नहीं है। मजबूरी में उन्हें दूसरे अटल आवास परिसर से पानी लाना पड़ता है, जिससे आए दिन विवाद की स्थिति बनती है।

महिलाओं का कहना था कि उन्होंने कई बार मेयर पूजा विधानी, जोन कार्यालय और निगम के जल विभाग में शिकायत की, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है। लगातार उपेक्षा के कारण आखिरकार उन्हें कलेक्टोरेट पहुंचकर प्रदर्शन करना पड़ा।

स्थायी समस्या बनी पानी की किल्लत

हेमूनगर में पानी संकट कोई नई समस्या नहीं है। क्षेत्र में शंकर नगर स्थित एकमात्र पानी टंकी से सप्लाई की जाती है, जिसका पंप आए दिन खराब होता रहता है। वर्तमान में भी एक पंप जल जाने के कारण टंकी पूरी क्षमता से नहीं भर पा रही है। नतीजतन टेल एरिया में पानी का प्रेशर पूरी तरह खत्म हो गया है और सैकड़ों घरों में पिछले चार से पांच दिनों से पानी नहीं पहुंचा है।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि हर वर्ष गर्मी में यही स्थिति बनती है, लेकिन इसके बावजूद जल विभाग द्वारा कोई स्थायी व्यवस्था नहीं की गई। सबसे बड़ी विडंबना यह है कि इतनी बड़ी आबादी वाले क्षेत्र में स्पेयर पंप तक उपलब्ध नहीं रखा गया है। मोटर खराब होने के बाद उसकी मरम्मत और फिटिंग में कई दिन लग जाते हैं और तब तक लोग बूंद-बूंद पानी के लिए परेशान होते रहते हैं।

मेयर का वार्ड, फिर भी बदहाल व्यवस्था

हेमूनगर वार्ड राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि यह वर्तमान मेयर पूजा विधानी का वार्ड है। इससे पहले उनके पति अशोक विधानी यहां पार्षद रह चुके हैं और वर्तमान में बल्लभ राव पार्षद हैं। इसके बावजूद क्षेत्र में पेयजल जैसी मूलभूत समस्या वर्षों से बनी हुई है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि जनप्रतिनिधियों की प्राथमिकता में आम जनता की परेशानी शामिल नहीं है। लगातार शिकायतों के बावजूद न तो पानी की स्थायी व्यवस्था की गई और न ही वैकल्पिक इंतजाम किए गए। लोगों का आरोप है कि चुनाव के समय बड़े-बड़े वादे किए जाते हैं, लेकिन गर्मी आते ही व्यवस्था की पोल खुल जाती है।

“कोई शिकायत लेकर नहीं आया” : मेयर

मामले में मेयर पूजा विधानी ने कहा कि उनके पास इस संबंध में कोई शिकायत लेकर नहीं आया था। उन्होंने कहा कि “मैं उन्हीं महिलाओं के पास रहती हूं। पिछले दो-तीन दिन से बंगले में हूं। पूरे शहर से लोग अपनी समस्याएं लेकर आते हैं। फिर भी मैं जानकारी लेकर समस्या का समाधान कराने का प्रयास करूंगी।”

हालांकि महिलाओं का दावा है कि वे पहले भी कई बार मेयर और निगम कार्यालय तक अपनी समस्या पहुंचा चुकी हैं।

जल विभाग पर लापरवाही के आरोप

शहर के अन्य वार्डों में भी जल संकट को लेकर लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। आरोप है कि जल विभाग के अधिकारी पार्षदों और जनप्रतिनिधियों की शिकायतों तक को गंभीरता से नहीं लेते।

जानकारी के अनुसार सकरी क्षेत्र में पांच बोर खराब हो चुके हैं, जिनमें तीन अटल आवास परिसर के हैं। वार्ड क्रमांक 19 में भी तीन बोर खराब होने और पाइपलाइन लीकेज की समस्या बनी हुई है। इस वार्ड के पार्षद भरत कश्यप नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष भी हैं, लेकिन उनकी शिकायतों पर भी जल विभाग ने कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की।

इसी तरह वार्ड क्रमांक 25 में पिछले एक वर्ष से गंदा पानी आने की शिकायत बनी हुई है। शहर के 70 वार्डों के लिए निगम के पास 52 पानी टैंकर हैं, जिनमें से 19 खराब बताए जा रहे हैं। आउटर क्षेत्र के वार्डों में भी निगम अब तक केवल 10 नए बोर ही खनन करवा पाया है।

गर्मी के चरम दौर में लगातार बिगड़ती जल व्यवस्था और जनप्रतिनिधियों की निष्क्रियता को लेकर अब लोगों में नाराजगी खुलकर सामने आने लगी है।

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