बिलासपुर में सुनसान घरों में सिलसिलेवार चोरी का खुलासा, एसी मिस्त्री निकला मास्टरमाइंड

शशि मिश्रा


ऑनलाइन जुए की लत और कर्ज ने बनाया शातिर अपराधी, 45 लाख से अधिक की संपत्ति बरामद
बिलासपुर, 30 अप्रैल 2026। शहर में लंबे समय से सुनसान घरों को निशाना बनाकर की जा रही सिलसिलेवार चोरियों का पुलिस ने खुलासा करते हुए एक शातिर आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी पेशे से एसी रिपेयरिंग का काम करता था और इसी बहाने कॉलोनियों की रेकी कर सुनसान मकानों को निशाना बनाता था।
पुलिस के अनुसार, आरोपी की पहचान सूरज काछी (30 वर्ष), निवासी गौरेला (जिला जीपीएम) के रूप में हुई है, जो पिछले करीब आठ महीनों से बिलासपुर के मंगला क्षेत्र में किराए के मकान में रह रहा था। वह एसी, फ्रिज और वॉशिंग मशीन सुधारने के बहाने घरों की जानकारी जुटाता और बाद में चोरी की वारदात को अंजाम देता था।


सीसीटीवी और साइबर तकनीक से मिली सफलता
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में एसीसीयू और सिविल लाइन थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने मामले की जांच की। इस दौरान शहर भर के 300 से अधिक सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले गए और स्थानीय इनपुट के साथ साइबर सेल की मदद से संदिग्ध की पहचान की गई। 27 अप्रैल 2026 को आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया।
चोरी का सुनियोजित तरीका
जांच में सामने आया कि आरोपी पहले दिन के समय कॉलोनियों में घूमकर सूने मकानों की पहचान करता था। इसके बाद रात में मोटरसाइकिल से पहुंचकर सुनसान जगह पर वाहन खड़ा करता और टोपी-मास्क पहनकर घर में घुसता था।
वह सीसीटीवी से बचने के लिए अंधेरी गलियों का इस्तेमाल करता, घर के अंदर कपड़े बदलता और मोबाइल बंद रखकर पुलिस को भ्रमित करता था।


ऑनलाइन सट्टे की लत बनी वजह
पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया कि वह ऑनलाइन सट्टा (गेमिंग एप) का आदी हो गया था और करीब 30 लाख रुपये हार चुका था। कर्ज के दबाव में उसने चोरी को आय का जरिया बना लिया।
गोल्ड लोन कंपनियों में छिपाता था चोरी का माल
आरोपी चोरी के जेवरात को सीधे बेचने के बजाय पहले ज्वेलर्स के माध्यम से नया बनवाता और फिर उन्हें गोल्ड लोन कंपनियों में गिरवी रख देता था। इसके जरिए मिली रकम अपने बैंक खाते में जमा कराता और बाद में उसे ऑनलाइन जुए में गंवा देता था।


कई वारदातों का खुलासा
पुलिस ने आरोपी से पूछताछ के बाद सिविल लाइन थाना क्षेत्र में दर्ज वर्ष 2025-26 के आठ अलग-अलग चोरी के मामलों का खुलासा किया है। ये घटनाएं कुदुदंड, यमुना नगर, नंद विहार, गीतांजली पार्क, इन्द्रसेन कॉलोनी, गुलमोहर पार्क, 27 खोली और नेहरू नगर जैसे इलाकों में हुई थीं।
बरामदगी
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से कुल लगभग 45.84 लाख रुपये की संपत्ति बरामद की है, जिसमें शामिल हैं:
करीब 37.80 लाख रुपये मूल्य के सोने के जेवर
4.87 लाख रुपये मूल्य की चांदी
एक स्कूटी और एक मोटरसाइकिल
घरेलू सामान जैसे कूलर, फ्रिज, सोफा, इन्वर्टर, बैटरी और मोबाइल फोन
पुलिस टीम को पुरस्कार
इस कार्रवाई में सिविल लाइन थाना और एसीसीयू की संयुक्त टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। वरिष्ठ अधिकारियों ने टीम की सराहना करते हुए उन्हें पुरस्कृत करने की घोषणा की है।

यह मामला दर्शाता है कि कैसे तकनीकी निगरानी, स्थानीय सूचना और समन्वित पुलिस कार्रवाई के जरिए जटिल अपराधों का भी पर्दाफाश संभव है। वहीं, ऑनलाइन जुए की बढ़ती लत एक गंभीर सामाजिक समस्या के रूप में सामने आई है, जो अपराध की ओर धकेलने का कारण बन रही है।

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