

बिलासपुर। गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय में धार्मिक और सामाजिक महापुरुषों को लेकर कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों के मामले में प्रशासनिक जांच तेज हो गई है। विश्वविद्यालय द्वारा गठित जांच समिति ने सोमवार को प्रथम चरण में संबंधित व्हाट्सएप ग्रुप की चैटिंग और शिकायत से जुड़े दस्तावेजों का परीक्षण किया। छात्रों के बयान अब मंगलवार को दर्ज किए जाएंगे।
यह मामला 24 अप्रैल की रात का है, जब विवेकानंद हॉस्टल में विधि विभाग के छात्रों के बीच विवाद उत्पन्न हुआ। आरोप है कि कुछ छात्रों द्वारा भगवान राम, परशुराम और डॉ. भीमराव अंबेडकर को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणियां की गईं, जिसके बाद विवाद बढ़ गया और स्थिति मारपीट तक पहुंच गई। हालात को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा।
चार छात्रों के खिलाफ एफआईआर, निष्कासन की कार्रवाई
विश्वविद्यालय प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो छात्रों को उसी रात हॉस्टल से निष्कासित कर दिया, जबकि अगले दिन दो अन्य छात्रों पर भी समान कार्रवाई की गई। इसके अतिरिक्त, बिना जांच पूर्ण हुए ही चार छात्रों के खिलाफ कोनी थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।

जांच समिति के अध्यक्ष प्रो. मनीष श्रीवास्तव के अनुसार, सोमवार को दस्तावेजों का परीक्षण किया गया, जबकि परीक्षाओं के चलते छात्रों के बयान दर्ज नहीं हो सके। सभी संबंधित छात्रों को मंगलवार को उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने के लिए निर्देशित किया गया है।
पुलिस जांच भी समानांतर जारी
पुलिस ने भी मामले में जांच शुरू कर दी है। टीम ने हॉस्टल पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया और प्रारंभिक बयान दर्ज किए हैं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, सभी पक्षों से पूछताछ के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
घटना के विरोध में बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद सहित कई संगठनों ने विश्वविद्यालय परिसर का घेराव किया। इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था में कमी उजागर हुई।
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कुलपति के निर्देश पर कुलसचिव डॉ. अश्वनी दीक्षित, प्रॉक्टर डॉ. मुकेश सिंह और डीएसडब्ल्यू डॉ. शैलेंद्र कुमार मुख्य द्वार पर पहुंचे। आरोप है कि इसी दौरान सुरक्षा प्रभारी डॉ. सीमा राय ने गेट अंदर से बंद करवा दिया और अधिकारियों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त गार्ड तैनात नहीं किए गए।
सुरक्षा प्रभारी को नोटिस
सुरक्षा में कथित चूक को गंभीर मानते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने सुरक्षा प्रभारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। मामले की आंतरिक जांच भी की जा रही है।
