भीषण गर्मी का कहर: अगले दो-तीन दिन लू के आसार, विशेषज्ञों ने जारी की एडवाइजरी


बिलासपुर। शहर में गर्मी ने तीखे तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। अधिकतम तापमान लगातार 42 से 43 डिग्री सेल्सियस के ऊपर बना हुआ है, जिससे जनजीवन प्रभावित हो रहा है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार आने वाले दो से तीन दिनों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है, वहीं 27 अप्रैल तक लू चलने की भी आशंका जताई गई है। तेज धूप और गर्म हवाओं का यह दौर स्वास्थ्य के लिए गंभीर चुनौती बनता जा रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि सामान्य तापमान 25 से 32 डिग्री सेल्सियस के बीच माना जाता है, जबकि 32 से 40 डिग्री के बीच सावधानी बरतना जरूरी होता है। 40 डिग्री से ऊपर का तापमान खतरनाक श्रेणी में आता है, जहां हीट से जुड़ी बीमारियों का खतरा तेजी से बढ़ जाता है।


चार चरणों में समझें गर्मी का खतरा
डॉक्टरों ने गर्मी के प्रभाव को चार चरणों में समझाया है—
डिहाइड्रेशन: अधिक पसीना आने से शरीर में पानी और नमक की कमी
हीट क्रैम्प्स: मांसपेशियों में दर्द और ऐंठन
हीट एक्सॉशन: कमजोरी, चक्कर, उल्टी और अत्यधिक पसीना
हीट स्ट्रोक: सबसे गंभीर स्थिति, शरीर का तापमान 40 डिग्री से अधिक, बेहोशी और भ्रम—यह जानलेवा हो सकता है
बचाव ही सबसे प्रभावी उपाय
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने गर्मी से बचाव के लिए कुछ महत्वपूर्ण सुझाव जारी किए हैं। लोगों को सलाह दी गई है कि प्यास न लगने पर भी नियमित अंतराल पर पानी पीते रहें। ओआरएस या नमक-शक्कर का घोल शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट की कमी को पूरा करने में सहायक होता है। हल्के, ढीले और सूती कपड़े पहनने के साथ ही सिर को टोपी या गमछे से ढककर रखना जरूरी है।
दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच बाहर निकलने से बचने की सख्त सलाह दी गई है, क्योंकि यह समय सबसे अधिक खतरनाक माना जा रहा है। इसके अलावा तरबूज, खीरा जैसे पानी से भरपूर फल आहार में शामिल करने की भी सलाह दी गई है।


बच्चों और बुजुर्गों के लिए विशेष सतर्कता
बच्चों के लिए स्कूलों में सुबह की असेंबली सीमित करने और आउटडोर गतिविधियों को कम करने की सलाह दी गई है। उन्हें पर्याप्त मात्रा में पानी साथ रखने और धूप में निकलते समय सिर ढकने के निर्देश दिए गए हैं।
वहीं बुजुर्गों को दिन के समय ठंडी और हवादार जगह पर रहने, सुबह और शाम के समय ही बाहर निकलने तथा थोड़ी-थोड़ी मात्रा में बार-बार पानी पीने की सलाह दी गई है। हृदय, ब्लड प्रेशर और डायबिटीज से पीड़ित मरीजों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत बताई गई है।


यात्रियों के लिए दिशा-निर्देश
यात्रा करने वालों को घर से निकलने से पहले पानी और ओआरएस साथ रखने, हल्का भोजन करने और हर एक से दो घंटे में विश्राम लेने की सलाह दी गई है। धूप वाली सीट से बचने और पैदल चलने की स्थिति में छांव का उपयोग करने के निर्देश दिए गए हैं।
आम नागरिकों के लिए चेतावनी
विशेषज्ञों ने स्पष्ट किया है कि इस समय “पानी ही सबसे बड़ी सुरक्षा” है। दोपहर 12 से 3 बजे के बीच बाहर निकलना जोखिम भरा हो सकता है। ऐसे में समय पर सतर्कता और सावधानी ही लू और गर्मी के प्रभाव से बचाव का सबसे कारगर उपाय है।

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