
बिलासपुर, 19 अप्रैल 2026। शहर में विवाह का सीजन शुरू होते ही जहां एक ओर मैरिज गार्डन और होटल पूरी तरह बुक हो चुके हैं, वहीं दूसरी ओर बढ़ती महंगाई, कारीगरों की कमी और गैस आपूर्ति की समस्या ने आयोजकों की चिंता बढ़ा दी है। तय दरों पर पहले से बुकिंग लेने वाले संचालकों को अब बढ़ी लागत के बीच कार्यक्रम संपन्न कराना चुनौतीपूर्ण हो गया है।
छत्तीसगढ़ टेंट एवं मैरिज गार्डन ऑनर एसोसिएशन के अध्यक्ष अमरजीत सिंह दुआ के अनुसार, शहर में 50 से अधिक छोटे-बड़े मैरिज गार्डन और कई विवाह हॉल हैं, जो विवाह मुहूर्त के लिए पहले ही बुक हो चुके हैं। हालांकि, बुकिंग के समय बाजार की स्थिति सामान्य थी, लेकिन अब सोना-चांदी सहित अन्य आवश्यक सामग्रियों की कीमतों में वृद्धि और आपूर्ति प्रभावित होने से लागत बढ़ गई है। इसके बावजूद पुराने दरों पर आयोजन करना पड़ रहा है, जिससे आर्थिक दबाव बढ़ रहा है।
कैटरिंग व्यवसाय से जुड़े प्रतीक दुआ ने बताया कि इस समय सबसे बड़ी समस्या कुशल कारीगरों की कमी है। कैटरिंग कार्य में बड़ी संख्या में कारीगर पश्चिम बंगाल से आते हैं, लेकिन वहां चुनाव होने के कारण अधिकांश कारीगर अपने गृह राज्य लौट गए हैं। ऐसे में जो कारीगर उपलब्ध हैं, वे दोगुनी मजदूरी की मांग कर रहे हैं।
इसका सीधा असर विवाह समारोहों की व्यवस्थाओं पर पड़ रहा है। आयोजकों के अनुसार, इस बार शादियों में खाने के काउंटर और व्यंजनों की संख्या सीमित रखनी पड़ सकती है, जबकि मेहमानों की मांग में इटालियन, मंगोलियन और चायनीज जैसे विविध व्यंजनों की अपेक्षा बनी हुई है।
इसके अलावा, रसोई गैस की कमी और अन्य संसाधनों की बढ़ती लागत ने भी व्यवस्थाओं को प्रभावित किया है। ऐसे में विवाह आयोजनों से जुड़े व्यवसायियों को सीमित संसाधनों में संतुलन बनाते हुए कार्यक्रम संपन्न कराने की चुनौती का सामना करना पड़ रहा है।
