
यूनुस मेमन

कोटा, बिलासपुर। शासकीय राशि के गबन के मामले में फरार चल रहे शिक्षा विभाग के एक कर्मचारी को कोटा पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। पुलिस के अनुसार आरोपी ने एक अन्य कर्मचारी के साथ मिलकर लाखों रुपये की शासकीय राशि का गबन किया था।
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, प्रार्थी नरेंद्र प्रसाद मिश्रा की रिपोर्ट पर थाना कोटा में धारा 316(5), 318(4), 338, 336(3), 340(2), 3(5) बी.एन.एस. के तहत अपराध दर्ज किया गया था। रिपोर्ट में बताया गया कि आरोपी नवल सिंह पैकरा (लेखापाल/सहायक ग्रेड-02) एवं देवेंद्र कुमार पालके (विकास खंड कोटा) ने शासकीय कर्मचारी रहते हुए वेतन आहरण में कूट रचना कर शासकीय राशि का गबन किया।
जांच में सामने आया कि आरोपियों ने सितंबर 2024 से फरवरी 2025 तक 25,04,422 रुपये तथा मार्च 2025 से नवंबर 2025 तक 4,57,800 रुपये इस प्रकार कुल 29,62,222 रुपये की शासकीय राशि का अनियमित रूप से आहरण कर शासन को आर्थिक क्षति पहुंचाई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही थी। साइबर सेल की सहायता से मोबाइल लोकेशन के आधार पर तलाश जारी थी। इसी दौरान सूचना मिलने पर पुलिस टीम ने देवेंद्र कुमार पालके (38 वर्ष), निवासी धरमपुरा वार्ड क्रमांक 14, करगी रोड कोटा को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी से पूछताछ के बाद उसे न्यायालय में प्रस्तुत कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
पुलिस ने बताया कि मामले का दूसरा आरोपी नवल सिंह पैकरा अभी फरार है, जिसकी तलाश लगातार जारी है।
इस कार्रवाई में थाना कोटा के निरीक्षक नरेश चौहान, प्रधान आरक्षक सत्य प्रकाश यादव तथा आरक्षक धर्मेंद्र साहू की विशेष भूमिका रही।
