
बिलासपुर। बिलासपुर प्रेस क्लब के चुनाव रद्द किए जाने के मामले में हाई कोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए राज्य शासन सहित संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी किया है। जस्टिस नरेश कुमार चंद्रवंशी की सिंगल बेंच ने राज्य शासन, रजिस्ट्रार फर्म एंड सोसायटी, सहायक पंजीयक और बिलासपुर प्रेस क्लब समेत अन्य पक्षों को दो सप्ताह के भीतर जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
प्रेस क्लब के चुनाव 19 सितंबर 2025 को आयोजित हुए थे, जिसमें दिलीप यादव अध्यक्ष और संदीप करिहार सचिव निर्वाचित हुए थे। चुनाव परिणाम के बाद पराजित उम्मीदवार अजीत मिश्रा और दिलीप अग्रवाल ने सहायक पंजीयक के समक्ष शिकायत दर्ज कराई थी।
शिकायत पर कार्रवाई करते हुए सहायक पंजीयक ने चुनाव को रद्द करने की अनुशंसा करते हुए फाइल रजिस्ट्रार फर्म एवं संस्थाएं, रायपुर को भेज दी। इसके आधार पर रजिस्ट्रार ने 18 नवंबर 2025 को चुनाव निरस्त करते हुए पुनः चुनाव कराने का आदेश जारी कर दिया।
पूर्व अध्यक्ष दिलीप यादव ने इस आदेश को हाई कोर्ट में चुनौती दी है। याचिका में कहा गया है कि सहायक पंजीयक ने बिना समुचित जांच के चुनाव निरस्त करने की अनुशंसा कर दी। साथ ही रजिस्ट्रार द्वारा छत्तीसगढ़ सोसाइटी रजिस्ट्रीकरण अधिनियम की धारा 33 (ग) के तहत की गई कार्रवाई भी गलत बताई गई है, क्योंकि यह प्रावधान केवल सरकार पोषित संस्थाओं पर लागू होता है, जबकि प्रेस क्लब एक निजी संस्था है।
याचिका में यह भी आरोप लगाया गया है कि चुनाव निरस्त करने से पहले निर्वाचित पदाधिकारियों को अपना पक्ष रखने का अवसर नहीं दिया गया।
मामले की प्रारंभिक सुनवाई के बाद हाई कोर्ट ने सभी संबंधित पक्षों को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर जवाब प्रस्तुत करने को कहा है। मामले की अगली सुनवाई में कोर्ट आगे की कार्रवाई तय करेगा।
