
बिलासपुर। जिले में आगामी जनगणना के तहत मकान सर्वे की तैयारियां तेज हो गई हैं। सोमवार से कर्मचारियों का प्रशिक्षण शुरू हो गया है, जो तीन चरणों में 24 अप्रैल तक चलेगा। इसके बाद 1 मई से प्रगणक घर-घर जाकर सर्वे कार्य शुरू करेंगे।
जिले में इस बार करीब 7.93 लाख मकानों और 22.21 लाख आबादी का आकलन किया गया है। सर्वे के लिए 3174 कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है, जिनमें प्रत्येक को औसतन 250 मकानों का सर्वे एक महीने में पूरा करना होगा। इसके लिए प्रत्येक कर्मचारी को 25 हजार रुपए मानदेय दिया जाएगा।
प्रशासन ने जिले को 14 शहरी और 12 ग्रामीण चार्ज में विभाजित किया है। हर 6 कर्मचारियों पर एक पर्यवेक्षक तैनात रहेगा। एक कर्मचारी औसतन 700 लोगों की जानकारी दर्ज करेगा।
33 सवालों के जरिए जुटेगा डेटा
सर्वे के दौरान कर्मचारी मोबाइल एप के माध्यम से 33 बिंदुओं पर जानकारी दर्ज करेंगे। इसमें मकान नंबर, छत, दीवार और फर्श की सामग्री, परिवार के मुखिया का नाम व लिंग, मकान स्वामित्व या किराए की स्थिति जैसी जानकारी शामिल होगी।
इसके अलावा पेयजल स्रोत, बिजली की उपलब्धता, शौचालय की स्थिति, खाना चूल्हे या एलपीजी से बनने जैसे सवाल भी पूछे जाएंगे। घर में उपलब्ध सुविधाओं जैसे टीवी, इंटरनेट, कंप्यूटर, मोबाइल और साइकिल, बाइक, कार जैसे वाहनों का विवरण भी लिया जाएगा।
ऑनलाइन सेल्फ एन्यूमरेशन की सुविधा
इस बार लोगों को खुद अपनी जानकारी दर्ज करने का विकल्प भी दिया गया है। 16 अप्रैल से नागरिक ऑनलाइन पोर्टल के जरिए रजिस्ट्रेशन कर “सेल्फ एन्यूमरेशन” फॉर्म भर सकेंगे। फॉर्म सबमिट करने पर 15 अंकों का रेफरेंस नंबर मिलेगा, जिसे प्रगणक को दिखाने पर सर्वे पूरा माना जाएगा।
ट्रेनिंग में 183 कर्मचारी रहे अनुपस्थित
प्रशिक्षण के पहले दिन 1473 में से 1290 कर्मचारी उपस्थित रहे, जबकि 183 अनुपस्थित पाए गए। कर्मचारियों की मांग पर कलेक्टर ने 14 अप्रैल को अंबेडकर जयंती के कारण राहत देते हुए कहा है कि इस दिन अनुपस्थित रहने पर किसी के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जाएगी।
प्रशासन ने सभी कर्मचारियों से तय समय में प्रशिक्षण पूर्ण कर सर्वे कार्य को सफल बनाने की अपील की है।
