

बिलासपुर, 10 अप्रैल 2026।
सड़क सुरक्षा को लेकर एक अभिनव पहल करते हुए बिलासपुर यातायात पुलिस ने राज्य और जिले में पहली बार “यातायात हेलमेट बूथ” की शुरुआत की। इस पहल का उद्देश्य दोपहिया वाहन चालकों में हेलमेट के प्रति जागरूकता बढ़ाना और सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली जनहानि को कम करना है।
वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में शुभारंभ
छतौना मोड़, हाईकोर्ट रोड (थाना चकरभाठा क्षेत्र) में आयोजित कार्यक्रम में जिला कलेक्टर संजय अग्रवाल, पुलिस उप महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह, जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल सहित कई वरिष्ठ अधिकारी, जनप्रतिनिधि और प्रतिष्ठित नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने सड़क सुरक्षा को लेकर आमजन को जागरूक रहने का संदेश दिया।

जरूरतमंदों को हेलमेट वितरण
कार्यक्रम के दौरान यातायात पुलिस द्वारा जनसहयोग से 50 जरूरतमंद वाहन चालकों को हेलमेट वितरित किए गए। साथ ही, यातायात प्रबंधन में उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिस जवानों को मंचासीन अतिथियों द्वारा सम्मानित किया गया और उन्हें धूप से बचाव के लिए सनग्लास एवं विशेष वस्त्र भी प्रदान किए गए।

क्यों जरूरी है हेलमेट
अधिकारियों ने बताया कि विश्लेषण में यह सामने आया है कि सड़क दुर्घटनाओं में सबसे ज्यादा प्रभावित दोपहिया वाहन चालक होते हैं। इनमें भी अधिकतर मौतें हेलमेट नहीं पहनने के कारण होती हैं। ऐसे में हेलमेट धारण करना जीवन रक्षा का सबसे सरल और प्रभावी उपाय है।
शहरभर में लगेंगे हेलमेट बूथ
यातायात पुलिस के अनुसार, यह हेलमेट बूथ शहर के प्रमुख एंट्री पॉइंट पर स्थापित किया गया है और आने वाले समय में शहर के अन्य नौ स्थानों पर भी ऐसे बूथ लगाए जाएंगे। इसका उद्देश्य इसे एक जनआंदोलन का रूप देना है, ताकि लोग स्वयं भी जागरूक हों और दूसरों को भी प्रेरित करें।

नागरिकों की सहभागिता
कार्यक्रम में विभिन्न सामाजिक संगठनों और नागरिकों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। वक्ताओं ने सड़क दुर्घटनाओं के दुष्परिणामों पर अपने अनुभव साझा करते हुए अपील की कि बिलासपुर को दुर्घटना मुक्त जिला बनाने के लिए सभी को मिलकर प्रयास करना होगा।
निष्कर्ष
“यातायात हेलमेट बूथ” जैसी पहल न सिर्फ जागरूकता बढ़ाने में सहायक होगी, बल्कि लोगों में सुरक्षा के प्रति जिम्मेदारी का भाव भी विकसित करेगी। पुलिस और प्रशासन की यह पहल सड़क सुरक्षा को लेकर एक मजबूत कदम मानी जा रही है।

