

बिलासपुर, 10 अप्रैल 2026।
जिला बिलासपुर में पुलिस द्वारा चलाए जा रहे “अर्पण” अभियान के तहत गुम हुए मोबाइलों की रिकॉर्ड स्तर पर बरामदगी की गई है। इस अभियान के माध्यम से पुलिस ने एक माह के भीतर 135 मोबाइल बरामद कर लगभग 20 लाख रुपये की संपत्ति उनके वास्तविक मालिकों को वापस सौंपी है।
अभियान की सफलता
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के निर्देशन में चलाए गए इस विशेष अभियान में वर्ष 2026 में अब तक 500 से अधिक गुम मोबाइल उनके स्वामियों को लौटाए जा चुके हैं। मोबाइल वापस मिलने पर नागरिकों के चेहरों पर खुशी साफ दिखाई दी।
कैसे हुई कार्रवाई
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मधुलिका सिंह और नगर पुलिस अधीक्षक निमितेश सिंह के मार्गदर्शन में एसीसीयू (ACCU) टीम और जिले के सभी थाना प्रभारियों को गुम मोबाइलों की सूची तैयार कर तकनीकी विश्लेषण और फील्ड इंटेलिजेंस के आधार पर खोजबीन के निर्देश दिए गए।
लगातार प्रयासों के चलते पुलिस ने न सिर्फ बिलासपुर, बल्कि आसपास के जिलों और अन्य राज्यों में सक्रिय मोबाइल उपयोगकर्ताओं को ट्रेस कर यह सफलता हासिल की। कई मोबाइल दूरस्थ राज्यों में भी सक्रिय पाए गए, जिनकी बरामदगी की कार्रवाई अभी जारी है।
नागरिकों को किया सुपुर्द
10 अप्रैल को आयोजित कार्यक्रम में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक द्वारा स्वयं बरामद मोबाइल उनके वास्तविक मालिकों को सौंपे गए। इस अवसर पर करीब 160 नागरिक उपस्थित रहे, जिन्होंने पुलिस की तत्परता और जनसेवा की सराहना की।
साइबर जागरूकता पर भी जोर
कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधिकारियों ने नागरिकों को बढ़ते साइबर अपराधों के प्रति जागरूक किया। इनमें डिजिटल अरेस्ट, सेक्सटॉर्शन, व्हाट्सएप डीपी बदलकर ठगी, बिटकॉइन/इन्वेस्टमेंट फ्रॉड, टूरिज्म प्लान ठगी, कस्टमर केयर फ्रॉड और ऑनलाइन लोन ऐप ठगी जैसे मामलों से बचने के उपाय बताए गए।

पुलिस की अपील
बिलासपुर पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध कॉल, मैसेज या ऑनलाइन गतिविधि से सतर्क रहें और ठगी की आशंका होने पर तुरंत पुलिस को सूचना दें।
जनसेवा की मिसाल
पुलिस के अनुसार, हर महीने औसतन 100 मोबाइल बरामद कर लोगों को लौटाए जा रहे हैं। “अर्पण” अभियान पुलिस की जनसेवा और विश्वास कायम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हो रहा है।
