

शहर में बढ़ते ट्रैफिक जाम और अतिक्रमण की समस्या को लेकर नगर निगम ने गुरुवार को सरकंडा क्षेत्र में सख्त कार्रवाई की। जांच में सामने आया कि कई बड़े प्रतिष्ठान अपनी पार्किंग का उपयोग वाहनों के लिए करने के बजाय गोदाम, दुकान और सर्विसिंग सेंटर के रूप में कर रहे थे। इस पर निगम ने तीन प्रमुख प्रतिष्ठानों— मौसाजी स्वीट्स, पुष्पेंद्र साहू की दुकान और रॉयल स्वीट्स— की पार्किंग को सील कर दिया।

निगम की टीम दोपहर बाद मौके पर पहुंची और निरीक्षण के दौरान गंभीर अनियमितताएं पाई गईं। मौसाजी स्वीट्स की पार्किंग में बाइक सर्विसिंग सेंटर और गोदाम संचालित हो रहा था, जहां शोरूम की नई बाइकें खड़ी थीं। वहीं साइंस कॉलेज के पास स्थित पुष्पेंद्र साहू की बिल्डिंग में पार्किंग स्थल को कोचिंग संस्थान को किराए पर दे दिया गया था। वसंत विहार चौक स्थित रॉयल स्वीट्स में भी पार्किंग को गोदाम के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा था।
इसी दौरान डी-मार्ट गेट के पास सड़क की ओर बढ़ाए गए अवैध लोहे के ग्रिल को भी हटाया गया। निगम ने डी-मार्ट प्रबंधन को 48 घंटे के भीतर नक्शे के अनुसार बाउंड्रीवॉल बनाने के निर्देश दिए हैं।

ट्रैफिक जाम की बड़ी वजह बना पार्किंग का दुरुपयोग
अरपा-पार सरकंडा क्षेत्र के 6 प्रमुख जाम प्वाइंट्स की मुख्य वजह बड़े प्रतिष्ठानों द्वारा पार्किंग का गलत इस्तेमाल बताया जा रहा है। पार्किंग खाली होने के बजाय गोदाम और दुकानों में बदल दी गई है, जिससे ग्राहक सड़क पर ही वाहन खड़े कर रहे हैं और यातायात प्रभावित हो रहा है।
कार्रवाई पर उठे सवाल
निगम की इस कार्रवाई के बीच चयनात्मक कार्रवाई को लेकर सवाल भी उठ रहे हैं। डी-मार्ट के पास स्थित महालक्ष्मी पैलेस, सांई मिनी मार्केट और अन्य कॉम्प्लेक्स में भी लंबे समय से पार्किंग का दुरुपयोग हो रहा है, लेकिन वहां अब तक ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। कई जगह पार्किंग स्थल को किराए पर देकर गोदाम या दुकान में बदल दिया गया है।

आपातकालीन सेवाएं भी प्रभावित
सड़क पर अवैध पार्किंग के कारण एंबुलेंस और फायर ब्रिगेड जैसे आपातकालीन वाहनों की आवाजाही भी प्रभावित हो रही है, जिससे स्थिति और गंभीर बनती जा रही है।
निगम का पक्ष
अपर आयुक्त खजांची कुम्हार ने कहा कि पार्किंग स्थल का उपयोग गोदाम, दुकान या कार्यालय के रूप में नहीं किया जा सकता। फिलहाल सरकंडा क्षेत्र में कार्रवाई जारी है और जहां ट्रैफिक अधिक प्रभावित है, वहां प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई की जा रही है।
नगर निगम की इस कार्रवाई से शहर में अतिक्रमण और अव्यवस्थित पार्किंग पर नियंत्रण की उम्मीद जताई जा रही है, हालांकि सभी प्रभावित क्षेत्रों में समान रूप से कार्रवाई की मांग भी उठ रही है।
