

बिलासपुर। Bilasa Devi Chakraborty Airport (चकरभाठा एयरपोर्ट) में हवाई सुविधाओं के विस्तार और उड़ानों की कमी को लेकर दायर जनहित याचिकाओं पर सोमवार को हाई कोर्ट में सुनवाई हुई। चीफ जस्टिस Ramesh Sinha और जस्टिस Ravindra Kumar Agrawal की डिवीजन बेंच ने एयरपोर्ट की सुस्त प्रगति और सीमित उड़ानों पर नाराजगी जताते हुए राज्य शासन और संबंधित एजेंसियों से नया शपथ पत्र मांगा है। अगली सुनवाई 17 अप्रैल को होगी।
सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता आशीष श्रीवास्तव और अधिवक्ता सुदीप श्रीवास्तव ने बताया कि एयरपोर्ट को 6 फरवरी को ही नाइट लैंडिंग की अनुमति मिल चुकी है, लेकिन दो महीने बीतने के बाद भी रात में एक भी उड़ान शुरू नहीं हो सकी है। इस पर कोर्ट ने सवाल उठाया कि जब सुविधा और अनुमति उपलब्ध है, तो आम जनता को इसका लाभ क्यों नहीं मिल रहा।
एयरलाइंस पर निर्भरता पर भी सवाल कोर्ट ने केवल Alliance Air पर निर्भरता को लेकर भी नाराजगी जताई। कोर्ट ने पूछा कि अन्य निजी एयरलाइंस को जोड़ने के लिए अब तक क्या प्रयास किए गए हैं और उनकी वर्तमान स्थिति क्या है। इस संबंध में भी विस्तृत जवाब शपथ पत्र के साथ प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
एयरपोर्ट विस्तार का रास्ता साफ इस बीच एयरपोर्ट विस्तार को लेकर बड़ी प्रगति सामने आई है। सेना ने अपनी 290.8 एकड़ जमीन औपचारिक रूप से जिला प्रशासन को हस्तांतरित कर दी है, जिससे एयरपोर्ट के पास अब कुल करीब 646.8 एकड़ जमीन उपलब्ध हो गई है। इससे एयरपोर्ट को 4-सी कैटेगरी में अपग्रेड करने का रास्ता साफ हो गया है।
जमीन हस्तांतरण प्रक्रिया के दौरान सेना के अधिकारी और जिला प्रशासन के प्रतिनिधियों ने आवश्यक दस्तावेजों पर हस्ताक्षर किए। अतिरिक्त भूमि मिलने से अब रनवे विस्तार में आ रही तकनीकी बाधाएं दूर हो जाएंगी।
2800 मीटर लंबा होगा रनवे, बढ़ेगी कनेक्टिविटी वर्तमान में एयरपोर्ट का रनवे 1498 मीटर लंबा है, जो केवल 72 सीटर एटीआर विमानों के लिए उपयुक्त है। विस्तार के बाद इसे 2800 मीटर तक बढ़ाया जाएगा, जिससे बड़े विमानों की लैंडिंग संभव हो सकेगी और महानगरों से सीधी कनेक्टिविटी बेहतर होगी।
निर्माण में लगेंगे 2-3 साल विशेषज्ञों के अनुसार, रनवे विस्तार की प्रक्रिया में डीपीआर तैयार करने, मिट्टी परीक्षण और अन्य तकनीकी मंजूरियों के बाद निर्माण शुरू होगा, जिसमें करीब 2 से 3 साल का समय लग सकता है।
198 करोड़ की विकास योजना तैयार एयरपोर्ट विकास के लिए जिला प्रशासन ने मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai को 198 करोड़ रुपए का मास्टर प्लान सौंपा है। इसमें रनवे विस्तार, लाइटिंग, बाउंड्री वॉल, एटीसी टॉवर और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विकास का प्रस्ताव शामिल है।
हाई कोर्ट की सख्ती और जमीन हस्तांतरण के बाद अब बिलासपुर एयरपोर्ट के विकास को गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है, जिससे क्षेत्रीय हवाई कनेक्टिविटी में बड़ा सुधार हो सकता है।
