बिलासपुर: अंतर्राष्ट्रीय चेतना दिवस पर संगोष्ठी व सम्मान समारोह, ‘चेतना अभियान’ की सराहना


बिलासपुर। अंतर्राष्ट्रीय चेतना दिवस के अवसर पर यातायात पुलिस बिलासपुर, नागरिक संगठनों और विभिन्न NGOs के संयुक्त तत्वावधान में पुलिस लाइन स्थित चेतना भवन में “अंतर्राष्ट्रीय चेतना दिवस संगोष्ठी एवं सम्मान समारोह–2026” का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में समाज, प्रशासन और विभिन्न संस्थाओं का अभूतपूर्व संगम देखने को मिला।
कार्यक्रम में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह (IPS) विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस दौरान NHICF एवं विभिन्न सामाजिक संगठनों ने उनका भव्य सम्मान किया। कार्यक्रम में 20 से अधिक सामाजिक, साहित्यिक और पत्रकार संगठनों ने भाग लेते हुए बिलासपुर पुलिस द्वारा चलाए जा रहे ‘चेतना’ अभियान के आठों आयामों की सराहना की।


समाज और पुलिस की साझेदारी पर जोर
मुख्य अतिथि डॉ. विनय कुमार पाठक (कुलपति, थावे विद्यापीठ, बिहार) ने कहा कि वर्तमान समय में समाज को सबसे अधिक आवश्यकता ‘चेतना’ की है और यह अभियान पूरे देश के लिए एक मॉडल बन सकता है।
वहीं एसएसपी रजनेश सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि पुलिस अकेले समाज में बदलाव नहीं ला सकती, इसके लिए जनभागीदारी जरूरी है। ‘चेतना’ अभियान पुलिस और समाज के बीच विश्वास को मजबूत करने का माध्यम है।


सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां
कार्यक्रम के दौरान मास्टर तनिष्क के गीतों और 8 वर्षीय मयंशी खंडेलवाल की प्रस्तुति “जिंदगी प्यार का गीत है” ने उपस्थित लोगों को भाव-विभोर कर दिया।
विभिन्न संगठनों की रही भागीदारी
इस अवसर पर बिलासपुर एजुकेशन वेलफेयर, लायंस क्लब बिलासपुर मिडटाउन, परिवर्तन–एक आशा की किरण, बज़्म-ए-अदब, बिलासपुर मुस्लिम जमात, विकलांग चेतना परिषद सहित अनेक सामाजिक संस्थाओं की गरिमामयी उपस्थिति रही।
उत्कृष्ट कार्य करने वालों का सम्मान
NHICF द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिस अधिकारी, समाजसेवी और विशेषज्ञों को सम्मानित किया गया। इनमें सहायक उपनिरीक्षक प्रदीप यादव, उमा ध्रुव, सेवानिवृत्त एएसआई राम प्रसाद सिंह यादव, सकरी टीआई विजय चौधरी, उपनिरीक्षक जे.पी. निषाद, समाजसेवी सिमरन तिलरेजा, साइबर एक्सपर्ट प्रभाकर तिवारी सहित अन्य शामिल रहे।
इसके अलावा राम सूर्यवंशी, जितेंद्र सिंह ठाकुर और परमवीर मरहास को भी विशेष सम्मान प्रदान किया गया।
अतिथियों ने की पहल की सराहना
कार्यक्रम के अध्यक्ष न्यायमूर्ति चंद्रभूषण बाजपेयी ने कहा कि जागरूक नागरिक ही मजबूत समाज और कानून व्यवस्था की नींव हैं।
सीएमडी कॉलेज के चेयरमैन पं. संजय दुबे ने युवाओं को सही दिशा देने में ऐसे आयोजनों की अहम भूमिका बताई।
बिलासपुर प्रेस क्लब के अध्यक्ष अजीत मिश्रा ने कहा कि पत्रकारिता का उद्देश्य भी समाज में चेतना लाना है।
वहीं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (यातायात) रामगोपाल करियारे ने इसे समाज में अनुशासन और जिम्मेदारी बढ़ाने वाला महत्वपूर्ण अभियान बताया।
कार्यक्रम के अंत में यह संदेश दिया गया कि ‘चेतना’ केवल एक अभियान नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव की दिशा में जनक्रांति की शुरुआत है।

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