

बिलासपुर/मस्तूरी। सीपत एनटीपीसी क्षेत्र के राखड़ डेम से जुड़े परिवहन और प्रबंधन कार्यों में कथित अनियमितताओं और भ्रष्टाचार को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं। क्षेत्रीय लोगों और शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि वर्ष 2023 में पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के कार्यकाल के दौरान से ही मस्तूरी क्षेत्र में व्यवस्थाएं बिगड़ती चली गईं और कथित तौर पर विधायक की अनदेखी से बड़े स्तर पर अनियमितताएं होती रहीं।

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स्थानीय सूत्रों के अनुसार, राखड़ परिवहन में लगे वाहनों के संचालन में नियमों की अनदेखी की जा रही है। आरोप है कि एक ही वाहन में अलग-अलग नंबर प्लेट का उपयोग कर परिवहन किया जा रहा है, जिससे न केवल नियमों का उल्लंघन हो रहा है बल्कि राजस्व की भी हानि हो सकती है। इस संबंध में कई बार शिकायतें भी की गईं, लेकिन कार्रवाई के बजाय केवल औपचारिकता पूरी किए जाने की बात सामने आ रही है।

क्षेत्र के लोगों का कहना है कि लंबे समय से आशीष वासने और शैलेश चौहान एक ही स्थान पर पदस्थ हैं, जिससे उनके कार्यों पर सवाल उठ रहे हैं। आरोप यह भी है कि परिवहन से जुड़े कुछ लोगों को संरक्षण मिलने के कारण यह कथित “काला खेल” लगातार जारी है।
वहीं, क्षेत्रीय समिति द्वारा त्रिपक्षीय बैठक आयोजित किए जाने के बावजूद अपेक्षित सुधार नहीं दिखने से स्थानीय नागरिकों में नाराजगी बनी हुई है। लोगों का मानना है कि यदि समय रहते ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।
हालांकि, इन सभी आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हो पाई है। संबंधित विभाग या जिम्मेदार पक्ष की ओर से इस मामले में कोई स्पष्ट बयान सामने नहीं आया है।
स्थानीय नागरिकों की मांग है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि क्षेत्र में पारदर्शिता और व्यवस्था बहाल हो सके।

