किलों के बिस्तर पर लेटी, छाती पर ज्योत जलाये देवी भक्ति की मिसाल बनी 16 साल की कन्या

शशि मिश्रा

लोरमी। नवरात्रि का पर्व शुरू होते ही भक्त श्रद्धा के साथ माता रानी की आराधना व पूजा में जुट जाते हैं। माता को प्रसन्न करने कई भक्त अपने सीने पर जोत जलाते हैं, तो कुछ कील पर सोते हैं। वहीं कुछ लोग सीने में ज्वारा बोकर माता की भक्ति में लीन रहते हैं।

इसी क्रम में एक 16 वर्षीय कन्या 5 दिनों तक अपने सीने पर जोत जला कर एवं कील पर सोकर माता की आराधना में लीन रही। इसे दैवीय चमत्कार मानते हुए लोगों की भीड़ दर्शन लाभ के लिए उमड़ रही है। लोग इसे माता के प्रति भक्त की

गहरी आस्था का चमत्कार मान रहे हैं। लोर मी से 10 किलोमीटर वनांचल से सटे ग्राम बघनी भांवर में 16 वर्षीय कन्या मीनाक्षी ध्रुव पिता कन्हैया ध्रुव नवरात्रि के प्रथम पांच दिनों तक सीने पर ज्योति कलश लेकर कील के बिस्तर पर सोई रही। इस अद्भुत दैवीय दृश्य का दर्शन करने दूर-दराज से बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं। इसी तरह यहां की ईना मार्को नामक एक और 16 वर्षीय कन्या 9 दिनों तक उपवास रखते हुए जमीन पर लेटकर माता की आराधना में लीन है। ये कन्या 9 दिनों तक केवल नींबू का रस पीती है।

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