
शशि मिश्रा
आरपीएफ की टीम ने मुखबिर की सूचना पर चांटापारा तिलक नगर स्थित एक दुकान में छापामार कार्रवाई करते हुए पर्सनल यूजर आईडी से रेल टिकिट बनाकर यात्रियों को बेचने वाले दुकानदार को पकड़कर रेलवे एक्ट के तहत कार्रवाई की है।
रेलवे बोर्ड के आदेश पर रेलवे सुरक्षा बल की टिकिट दलालों के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रही है। टिकिट दलाली को रोकने के लिए रेलवे प्रतिदिन कोई न कोई नया
नियम बनाती है, जिसके तहत आरपीएफ सूचना मिलने के बाद टिकिट दलालों के पास से लाखों की टिकिट लेने के बाद उनके खिलाफ रेलवे एक्ट के तहत कार्रवाई भी करती है, लेकिन दलाली की प्रथा थमने का नाम नहीं ले रही है। आईआरसीटीसी से लायसेंस मिलने के बाद भी कई लोग अपना पर्सनल यूजर आईडी बनाकर यात्रियों को तत्काल, प्रीमियम तत्काल और नार्मल आरक्षण टिकिट की बिक्री कर धड़ल्ले से कमाई कर रहे हैं। इसी तरह की सूचना बिलासपुर आरपीएफ की टीम को मिली। सूचना पर आरपीएफ के निरीक्षक नंद बहादुर के नेतृत्व में उपनिरीक्षक एसबी सिंह व अन्य स्टाफ सिविल लाइन पुलिस को जानकारी देकर तिलक नगर चाटापारा स्थित फ्रेंड्स कापियर्स आनलाइन की दुकान पहुंचे, जहां
मुंगेली नाका चौक विकास नगर निवासी रविशंकर निर्मलकर पिता राजकुमार निर्मलकर 35 साल आईआरसीटीसी के बिना लायसेंस के अपने पर्सनल यूजर आईडी के जरिए टिकिट बनाकर यात्रियों को बेचकर अतिरिक्त कमाई करता था। टिकिट के भुगतान के लिए वह इंडसइंड बैंक अकाउंट, एक्सिस व कोटक महिंद्रा बैंक के क्रेडिट कार्ड का उपयोग कर रहा था। आरोपी के पास से 15 नग पास्ट जर्नी टिकिट व अन्य सामान जब्त कर रेलवे अधिनियम 143 के तहत कार्रवाई की गई है।
