
शशि मिश्रा
कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों से जुझ रहे मरीजों के लिए राहत भरी खबर है। स्वास्थ्य विभाग के अथक प्रयास के बाद अपोलो अस्पताल में कैंसर का इलाज संभव हो सकेगा। इलाज पूरी तरह से आयुष्मान योजना के तहत किया जाना है। जिससे कैंसर के इलाज में होने वाला खर्च योजना के तहत ही स्वीकार किया जाएगा।
संभाग के सर्वसुविधायुक्त अपोलो अस्पताल में कैंसर के मरीजों का इलाज पूर्ण निशुल्क हो सकेगा। आयुष्मान भारत योजना के तहत जुड़ने के बाद अपोलो अस्पताल में कैंसर पीड़ितों का इलाज किया जाएगा। इसकी शुरूआत भी हो चुकी है। खास बात यह है कि संभाग में कैंसर रोगियों के लिए अपोलो
अस्पताल वरदान साबित हो चुका है, गंभीर बीमारी का इलाज अस्पताल में संभव है और कई लोगों को बीमारी से निजात भी मिल चुकी है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग और राज्य सरकार द्वारा लगातार अपोलो प्रबंधन ने कैंसर जैसी बीमारियों के इलाज को आयुष्मान से जोड़ने के लिए दबाव बनाया जा रहा था, जनप्रतिनिधियों ने भी इसके लिए प्रबंधन से बातचीत की थी, जिसके बाद से करीब एक साल से निशुल्क इलाज प्रक्रियाधीन थी, अब जाकर अपोलो और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के तालमेल के बाद यह संभव हो सका है। आयुष्मान योजना के तहत स्तन कैंसर, फेफड़ों का कैंसर, कोलोरेक्टल कैंसर, प्रोस्टेट कैंसर और सवाईकल कैंसर का इलाज अपोलो में किया जा सकेगा।
रेडियो थैरेपी की भी सुविधा
कैंसर के इलाज के लिए संभाग में सर्जरी और किमियो थैरेपी की सुविधा कई अन्य अस्पतालों में उपलब्ध है, लेकिन अपोलो अस्पताल में रेडियो थैरेपी के द्वारा भी इलाज किया जाता है। ऐसे में माना जा रहा है कि क्षेत्र के लोगों को रेडिया थैरेपी, सर्जरी और किमियो थैरेपी के द्वारा कैंसर का इलाज मिल सकेगा। इससे पहले रेडियो थैरेपी के लिए मरीजों को रायपुर और हैदराबाद, पुणे और बेंगलोर जैसे शहरों का चक्कर काटना पड़ता था, जिससे अब निजात मिल सकेगी।
आर्थिक परेशानी से होगा बचाव
कैंसर जैसी गंभीर बीमारी के इलाज में परिजनों को लाखों रूपए फेंकने पड़ते है। साथ ही प्रदेश से बाहर जाकर इलाज कराने की मजबूरी में लोगों का समय और पैसा दोनों खर्च करना पड़ता है, वहीं परेशानी भी उठानी पड़ती है लेकिन संभाग के सबसे बड़े अस्पताल में कैंसर का इलाज मिलने से लोगों को आर्थिक जोखिम का सामना नहीं करना पड़ेगा।
