
शशि मिश्रा

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (सिम्स) के डॉक्टरों ने एक बार फिर अपनी दक्षता और त्वरित निर्णय क्षमता का परिचय देते हुए जांघ में फंसी बंदूक की गोली को सफलतापूर्वक निकालकर मरीज का पैर बचा लिया।
यह ऑपरेशन अत्यंत जटिल था, क्योंकि गोली महत्वपूर्ण रक्त वाहिकाओं के बेहद करीब फंसी हुई थी। जानकारी के अनुसार पंकज कश्यप को 23 मार्च 2026 को जांघ में गोली
लगने के बाद गंभीर अवस्था में सिम्स में भर्ती कराया गया। व्यास नगर पामगढ़ से रेफर होकर पहुंचे इस मरीज की स्थिति चिंताजनक थी, जिसे देखते हुए डॉक्टरों ने तत्काल इलाज शुरू किया। हड्डी रोग विभाग के डॉ. तरुण सिंह ने बताया कि मरीज की स्थिति गंभीर थी और शरीर में गोली का बने रहना संक्रमण और अन्य जटिलताओं को जन्म दे सकता था। पूरी सावधानी और तकनीकी दक्षता के साथ सर्जन टीम ने सफलतापूर्वक बुलेट को बाहर निकाल लिया। इस जटिल ऑपरेशन को सफल बनाने में डॉ. तरुण सिंह, डॉ. प्रमोद, डॉ. शशांक और डॉ. रौनक, डॉ. मिल्टन और डॉ. प्रशांत, शोभना, प्रीति और घूरई का महत्वपूर्ण सहयोग रहा। सफल ऑपरेशन के बाद मरीज की हालत स्थिर है। और वह खतरे से बाहर है। विभागाध्यक्ष डॉ. ए.आर. बेन, सिम्स के अधिष्ठाता डॉ. रमणेश मूर्ति, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. लखन सिंह ने भी इस सफलता पर खुशी जताते हुए पूरी टीम को बधाई दी।
