

रायपुर के मैग्नेटो मॉल की पार्किंग में शिक्षिका परिवार के साथ अभद्रता, मारपीट और धमकी देने के मामले में छत्तीसगढ़ पुलिस ने कार्रवाई करते हुए सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। मामले में एक आरोपी को जेल भेजा गया है, जबकि अन्य आरोपियों को जमानत पर रिहा कर दिया गया। घटना के बाद सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने से मामला राजनीतिक और सामाजिक बहस का विषय बन गया है।

पार्किंग से शुरू हुआ विवाद, मारपीट तक पहुंचा मामला
जानकारी के अनुसार घटना 9 मई 2026 की रात लगभग 8:30 बजे की है। शिक्षिका धनिशा धीवर अपने परिवार और बच्चों के साथ मॉल घूमने पहुंची थीं। जब परिवार बेसमेंट पार्किंग से अपनी बोलेरो वाहन निकाल रहा था, उसी दौरान दूसरी कार में सवार रोहन नरवाल उर्फ रॉकी बॉक्सर, सोमा देवांगन और गरिमा राजपूत से उनका विवाद हो गया।
पीड़ित पक्ष का आरोप है कि मामूली पार्किंग विवाद के दौरान आरोपियों ने परिवार को “गांव का गंवार” कहकर अपमानित किया। आरोप है कि रोहन नरवाल ने गाड़ी से उतरकर गाली-गलौज की और हॉकी स्टिक लहराते हुए धमकाने की कोशिश की। इस दौरान धक्का-मुक्की और झूमाझटकी भी हुई, जिसमें गोपेश साहू और एक बच्चे अरमान को चोटें आईं।

घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद लोगों में नाराजगी बढ़ गई। छत्तीसगढ़ी अस्मिता और स्थानीय लोगों के सम्मान से जोड़कर इस मामले की व्यापक आलोचना होने लगी।

पुलिस ने दर्ज किया मामला
मामले में तैलीबांधा थाना पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायत के आधार पर अपराध दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस ने रूपेश साहू निवासी सारागांव के खिलाफ भी मामला दर्ज किया, वहीं दूसरी ओर रोहन नरवाल, सोमा देवांगन और गरिमा राजपूत के खिलाफ विभिन्न धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई।
11 मई 2026 को पुलिस ने सभी आरोपियों को पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर लिया। चूंकि मामला जमानतीय धाराओं से जुड़ा था, इसलिए सोमा देवांगन और गरिमा राजपूत को जमानत मुचलके पर रिहा कर दिया गया। वहीं रोहन नरवाल को पृथक प्रतिबंधात्मक धाराओं में गिरफ्तार कर विशेष कार्यपालिक मजिस्ट्रेट एवं सहायक पुलिस आयुक्त सिविल लाइन न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।

सोमा देवांगन की भूमिका को लेकर बढ़ा विवाद
इस पूरे घटनाक्रम में सबसे अधिक चर्चा कथित पत्रकार सोमा देवांगन को लेकर हो रही है। सोशल मीडिया पर कई यूजर्स और संगठनों ने आरोप लगाया कि सोमा देवांगन स्वयं को मीडिया से जुड़ा बताकर प्रभाव दिखाने का प्रयास करती रही हैं। उन पर राजनीतिक रूप से पक्षपातपूर्ण पत्रकारिता करने के आरोप भी लगाए जा रहे हैं। सोमा देवांगन पत्रकारिता की आड़ में पीत पत्रकारिता करते हुए पूरी तरह कांग्रेस के पक्ष में समाचार बनाती है और भाजपा एवं मौजूदा सरकार की बेवजह आलोचना करती रहती है। उन पर मलाई मिठाई लेकर ऐसी खबर बनाने का आरोप लगाता रहा है। सोमा पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की लाडली कही जाती है।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और पोस्टों में दिख रहा है कि सोमा देवांगन और उनके साथियों ने शिक्षिका परिवार के साथ न केवल अभद्र व्यवहार किया, बल्कि उन्हें “देहाती” और “गंवार” कहकर अपमानित भी किया। घटना के बाद उनके खिलाफ जनाक्रोश तेजी से बढ़ा है।
रोहन नरवाल उर्फ रॉकी बॉक्सर को लेकर भी सोशल मीडिया पर कई पुराने वीडियो वायरल किए जा रहे हैं, जिनमें उस पर लोगों को धमकाने और दबंगई दिखाने के आरोप लगाए जा रहे हैं।
बजरंग दल ने की सख्त कार्रवाई की मांग
घटना के विरोध में बजरंग दल के कार्यकर्ता भी तेलीबांधा थाना पहुंचे और आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि किसी भी परिवार, विशेषकर महिलाओं और बच्चों के साथ सार्वजनिक स्थल पर अभद्रता और हिंसक व्यवहार स्वीकार नहीं किया जा सकता।
छत्तीसगढ़ी अस्मिता से जुड़ा मामला
घटना के बाद सोशल मीडिया में यह मुद्दा “छत्तीसगढ़िया सम्मान” से जोड़कर भी देखा जाने लगा। बड़ी संख्या में लोगों ने स्थानीय परिवार को “गंवार” कहे जाने पर नाराजगी जताई। कई सामाजिक और सांस्कृतिक संगठनों ने कहा कि किसी व्यक्ति की भाषा, पहनावे या ग्रामीण पृष्ठभूमि के आधार पर अपमान करना न केवल सामाजिक रूप से गलत है, बल्कि कानूनन भी आपत्तिजनक है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच जारी है और वायरल वीडियो सहित अन्य साक्ष्यों की भी पड़ताल की जा रही है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि कानून व्यवस्था बिगाड़ने और सार्वजनिक स्थल पर दबंगई दिखाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
