
बिलासपुर शहर के पॉश इलाके लिंक रोड स्थित बेशकीमती जमीन के सौदे में 50 लाख रुपए की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। मामले में पुलिस ने एक जमीन दलाल के खिलाफ अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आरोप है कि दलाल ने खुद को जमीन मालिक का मुख्तियार बताकर बिल्डर से करोड़ों रुपए का सौदा तय किया और बयाने के रूप में 50 लाख रुपए ले लिए।
जानकारी के अनुसार, क्रांतिनगर निवासी राजेश हर्जपाल पेशे से बिल्डर हैं। उनकी मुलाकात भारतीय नगर निवासी प्रफुल्ल झा से हुई थी। प्रफुल्ल ने खुद को नागपुर निवासी कृष्णा दुआ की जमीन का देखरेख करने वाला और अधिकृत प्रतिनिधि बताया। उसने सीएमडी चौक से अग्रसेन चौक के बीच स्थित खसरा नंबर 616/2 की करीब 2600 वर्गफुट जमीन दिखाई।
आरोपी ने दावा किया कि जमीन की मालकिन बुजुर्ग हैं और नागपुर में रहने के कारण स्वयं नहीं आ सकतीं, इसलिए उसे जमीन बेचने का अधिकार दिया गया है। इसके बाद 19 हजार रुपए प्रति वर्गफुट की दर से कुल 4 करोड़ 94 लाख रुपए में जमीन का सौदा तय हुआ। सौदे के तहत राजेश हर्जपाल ने 20 लाख रुपए नकद और 30 लाख रुपए चेक के माध्यम से कुल 50 लाख रुपए बयाने के रूप में प्रफुल्ल झा को दे दिए।
कुछ समय बाद जब बिल्डर ने रजिस्ट्री कराने की बात कही तो आरोपी टालमटोल करने लगा। संदेह होने पर राजेश ने मुख्तियारनामा और अन्य दस्तावेजों की जांच कराई। जांच में पता चला कि जमीन मालिक कृष्णा दुआ ने प्रफुल्ल झा को केवल जमीन की देखरेख का अधिकार दिया था, जबकि बिक्री का कोई अधिकार नहीं दिया गया था। साथ ही संबंधित जमीन के मालिकाना हक को लेकर न्यायालय में सिविल विवाद भी लंबित है।
पीड़ित द्वारा रकम वापस मांगने पर आरोपी ने पांच-पांच लाख रुपए के दो चेक दिए, लेकिन खाते में पर्याप्त राशि नहीं होने के कारण दोनों चेक बाउंस हो गए। इसके बाद खुद के साथ ठगी होने का एहसास होने पर राजेश हर्जपाल ने थाने में शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस जांच में सामने आया कि जमीन दलाल ने जमीन मालिक और खरीदार दोनों को गुमराह करते हुए सौदा कराया। मामले में आरोपी प्रफुल्ल झा के खिलाफ धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर जांच की जा रही है।
