

बिलासपुर। शहर के अमलतास कॉलोनी, वार्ड क्रमांक 17 में “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत लगाए गए पेड़ों को उखाड़े जाने का मामला सामने आया है, जिससे स्थानीय रहवासियों में भारी आक्रोश व्याप्त है। रहवासियों ने इस कार्रवाई को संवेदनहीन बताते हुए जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, गुरुवार सुबह करीब 11:30 बजे नगर निगम की गाड़ी अचानक कॉलोनी में पहुंची और बिना किसी पूर्व सूचना या नोटिस के लगाए गए पेड़ों को जड़ सहित उखाड़ दिया। स्थानीय लोगों का कहना है कि ये पेड़ केवल पौधे नहीं थे, बल्कि उनके साथ बुजुर्गों की यादें और भावनाएं जुड़ी हुई थीं, जिन्हें बेरहमी से नष्ट कर दिया गया।
घटना के समय मौके पर मौजूद सब इंजीनियर भावना शशि वरवरे के निर्देश पर यह कार्रवाई किए जाने का आरोप लगाया गया है। रहवासियों का कहना है कि बिना किसी वैध प्रक्रिया और सूचना के इस तरह पेड़ों को हटाना पूरी तरह अनुचित है।

घटना के विरोध में अमलतास कॉलोनी वासियों ने जिला कलेक्टर, नगर निगम आयुक्त और वन संरक्षण मंडल को शिकायत सौंपकर मामले की जांच की मांग की है। साथ ही संबंधित सब इंजीनियर के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए सिविल लाइन थाने में भी शिकायत दर्ज कराई गई है।

इस विरोध में शहर के कई सामाजिक संगठनों ने भी समर्थन दिया है। यूथ फॉर नेशन की अध्यक्ष प्रतिज्ञा सिंह, स्वयं सिद्धा के अध्यक्ष चंचल सलूजा, मार्मिक चेतना की अध्यक्ष अंकिता पांडे, आश्रम निष्ठा वेलफेयर सोसाइटी की अध्यक्ष अरुणिमा मिश्रा, मानवता से अभिषेक सिंह ठाकुर सहित अन्य सामाजिक कार्यकर्ता और कॉलोनीवासी बड़ी संख्या में शामिल रहे।
रहवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस मामले में उचित कार्रवाई नहीं की गई, तो वे उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।

