बिलासपुर: पीएम-राहत योजना पर पुलिस का प्रशिक्षण, सड़क हादसा पीड़ितों को मिलेगा 1.50 लाख तक कैशलेस इलाज


बिलासपुर में सड़क दुर्घटनाओं में घायल लोगों को त्वरित और बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से पीएम-राहत (PM-RAHAT) योजना के क्रियान्वयन को लेकर यातायात पुलिस द्वारा विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह प्रशिक्षण 23 मार्च 2026 को पुलिस लाइन में संपन्न हुआ, जिसमें पुलिस, प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग सहित सड़क सुरक्षा से जुड़े विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी शामिल हुए।
कार्यक्रम का आयोजन पुलिस उप महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के निर्देशन में किया गया। प्रशिक्षण में अधिकारियों को योजना के तकनीकी पहलुओं के साथ-साथ TMS, iRAD और eDAR जैसे पोर्टल्स पर डेटा प्रविष्टि की विस्तृत जानकारी दी गई। NIC के विशेषज्ञों ने ऑनलाइन सिस्टम के उपयोग और प्रक्रिया को विस्तार से समझाया।
जिले में पहला केस रजिस्ट्रेशन
प्रशिक्षण के दौरान बताया गया कि जिले में योजना के तहत पहला केस थाना रतनपुर क्षेत्र में दर्ज किया गया है। सड़क दुर्घटना में घायल अमर सिंह को आरोग्य अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका रजिस्ट्रेशन कर eDAR पोर्टल के माध्यम से जानकारी दर्ज की गई। पूरी प्रक्रिया 24 घंटे के भीतर पूरी कर ली गई, जिससे पीड़ित को कैशलेस उपचार का लाभ मिल सके।
क्या है पीएम-राहत योजना
भारत सरकार की इस योजना का उद्देश्य सड़क दुर्घटना के ‘गोल्डन ऑवर’ यानी पहले एक घंटे में पीड़ित को तत्काल और निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराना है। योजना के तहत हर दुर्घटना पीड़ित को हादसे की तारीख से 7 दिनों तक अधिकतम 1.50 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज उपलब्ध कराया जाएगा। यह सुविधा सभी राज्यों के नागरिकों के लिए लागू है।
172 अस्पतालों में मिलेगी सुविधा
जिले में iRAD/eDAR से जुड़े आयुष्मान अस्पताल सहित 172 अस्पतालों में इस योजना के तहत कैशलेस उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।
जरूरी शर्तें
योजना का लाभ लेने के लिए दुर्घटना के 24 घंटे के भीतर अस्पताल में भर्ती और TMS 2.0 पोर्टल पर पंजीकरण जरूरी है। इसके अलावा पुलिस द्वारा निर्धारित समय में सत्यापन अनिवार्य है। गंभीर घायलों के लिए 48 घंटे तक स्थिरीकरण उपचार सुनिश्चित किया गया है।
लोगों से अपील
बिलासपुर पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि सड़क दुर्घटना की स्थिति में घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचाएं, ताकि ‘गोल्डन ऑवर’ में उपचार मिल सके और अधिक से अधिक जान बचाई जा

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