
शशि मिश्रा

बिलासपुर। बिलासपुर में पेट्रोल और डीजल को लेकर हालात लगातार बिगड़ते नजर आ रहे हैं। शहर के करीब 8 पेट्रोल पंप पूरी तरह ड्राई हो चुके हैं, जबकि कई पंपों में सीमित मात्रा में ही ईंधन उपलब्ध है। इसके चलते शहर के अलग-अलग इलाकों में लंबी कतारें लग रही हैं और लोग घंटों पेट्रोल-डीजल के लिए भटकते दिखाई दे रहे हैं। कई जगह वाहन चालकों को पेट्रोल खत्म होने के बाद सड़क पर बाइक और कार धक्का देकर ले जाते भी देखा गया।
स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन और पेट्रोलियम एसोसिएशन ने लोगों से घबराहट में जरूरत से ज्यादा पेट्रोल-डीजल नहीं खरीदने की अपील की है। हालांकि हालात को लेकर चिंता बढ़ती जा रही है, क्योंकि डिमांड के मुकाबले सप्लाई लगातार कम बताई जा रही है।
डिपो से कम हो रही सप्लाई..
जानकारी के अनुसार पेट्रोल पंप संचालकों को डिपो से सामान्य दिनों की तुलना में कम मात्रा में सप्लाई मिल रही है। पहले जहां रोजाना टैंकर पहुंचते थे, वहीं अब कई पंपों को सप्ताह में केवल दो या तीन बार ही सप्लाई मिल पा रही है। यही वजह है कि कई पंपों का स्टॉक जल्दी खत्म हो रहा है।
पेट्रोल पंप संचालकों का कहना है कि कुछ पंपों में स्टॉक पूरी तरह खत्म हो चुका है, जबकि जिन पंपों में ईंधन उपलब्ध है वहां अचानक ग्राहकों की भीड़ बढ़ गई है। हालात ऐसे हैं कि कुछ पंप संचालक अपने स्तर पर सीमित मात्रा में ही पेट्रोल और डीजल दे रहे हैं।
कई पंपों में लिमिट तय..
सूत्रों के मुताबिक कुछ पेट्रोल पंपों में चारपहिया वाहनों को 10 से 12 लीटर तक और डीजल वाहनों को करीब 20 लीटर तक ही ईंधन दिया जा रहा है। वहीं बाइक और स्कूटी चालकों को अधिकतम 5 लीटर पेट्रोल दिया जा रहा है। हालांकि पेट्रोलियम एसोसिएशन का कहना है कि कंपनियों की ओर से ऐसा कोई आधिकारिक आदेश जारी नहीं किया गया है, लेकिन सीमित स्टॉक के कारण पंप संचालक एहतियात बरत रहे हैं।
बिजली कटौती से भी बढ़ी डीजल की मांग..
पेट्रोलियम कारोबार से जुड़े लोगों का कहना है कि लगातार हो रही बिजली कटौती के कारण डीजल की खपत अचानक बढ़ गई है। जनरेटर चलाने के लिए बड़ी मात्रा में डीजल उपयोग हो रहा है, जिससे सप्लाई पर अतिरिक्त दबाव पड़ रहा है।
इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय हालात और कच्चे तेल की आपूर्ति पर असर पड़ने की वजह से भी देशभर में पेट्रोल-डीजल की उपलब्धता प्रभावित होने की चर्चा है।
अमेरिका-ईरान तनाव के बाद कई राज्यों में सप्लाई प्रभावित होने की बात सामने आ रही है, जिसका असर अब छत्तीसगढ़ में भी दिखाई देने लगा है।
प्रशासन ने कहा- घबराने की जरूरत नहीं..
पेट्रोलियम एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष नवदीप सिंह अरोरा ने कहा कि सप्लाई में कुछ तकनीकी और वितरण संबंधी दिक्कतें आई हैं, लेकिन स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अनावश्यक रूप से ज्यादा पेट्रोल-डीजल न भरवाएं।
वहीं बिलासपुर कलेक्टर संजय अग्रवाल ने भी कहा है कि प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है। सप्लाई एजेंसियों से संपर्क किया जा रहा है और जल्द ही स्थिति सामान्य होने की उम्मीद है।
लोगों में बढ़ी चिंता..
शहर में लगातार बढ़ती भीड़ और सूखते पेट्रोल पंपों ने आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है। ऑफिस जाने वाले कर्मचारी, स्कूली बच्चों के अभिभावक, टैक्सी और ऑटो चालक सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। यदि सप्लाई जल्द सामान्य नहीं हुई तो आने वाले दिनों में हालात और गंभीर हो सकते हैं।
