नेशनल लोक अदालत में सुलझे हजारों विवाद, बिछड़े परिवार आए साथ; पंजाबी समाज ने की सेवा


बिलासपुर। न्याय को आम जनता के द्वार तक पहुंचाने के उद्देश्य से आयोजित नेशनल लोक अदालत में शनिवार को कई वर्षों से चल रहे पारिवारिक और अन्य विवाद आपसी सहमति से सुलझाए गए। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के मार्गदर्शन में फैमिली कोर्ट बिलासपुर में आयोजित लोक अदालत में कुल 124 प्रकरणों का आपसी सहमति से निराकरण किया गया।
फैमिली कोर्ट के प्रधान न्यायाधीश आलोक कुमार की खंडपीठ में हापा सकरी निवासी दंपती के बीच 30 वर्षों से चल रहा भरण-पोषण का विवाद समाप्त हुआ। पति द्वारा एकमुश्त 90 हजार रुपए की स्थायी भरण-पोषण राशि देने पर मामला सुलझ गया। इस दौरान परामर्शदाता टी.आर. कश्यप, शमशाद गुल कुरैशी, गेस बाई टंडन तथा वरिष्ठ न्यायमित्र ए.एस. कुरैशी और प्रशांत गणोस्कर मौजूद रहे।
वहीं द्वितीय अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश स्वर्णलता टोप्पो की खंडपीठ में चकरभाटा की तीन बेटियों द्वारा पिता के खिलाफ लगाए गए भरण-पोषण के मामले में भावुक मोड़ देखने को मिला। विवाद की मुख्य वजह पिता की शराब की लत थी। लोक अदालत में पिता ने शराब छोड़ने का संकल्प लिया, जिसके बाद कॉलेज में पढ़ रही तीनों बेटियां पिता के साथ रहने को तैयार हो गईं और पिता उन्हें अपने साथ घर ले गए।
इसी तरह मस्तूरी निवासी युवक और बोकारो की युवती, जो दिसंबर 2025 से अलग रह रहे थे, काउंसिलिंग के बाद अपनी गलतफहमी दूर कर फिर से साथ रहने पर राजी हो गए। वहीं प्रथम अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश निरंजन लाल चौहान की खंडपीठ में भी भरण-पोषण के एक मामले का निराकरण कर दो परिवारों को फिर से साथ रहने का अवसर मिला।
लोक अदालत के दौरान बिलासपुर और गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिला में कुल 26,336 मामलों का निपटारा किया गया, जिनमें 46 करोड़ 7 लाख 92 हजार 41 रुपए की अवार्ड राशि पास की गई। वहीं प्री-लिटिगेशन के तहत अदालत में जाने से पहले ही 17 लाख 61 हजार 828 मामलों को आपसी सहमति से सुलझाया गया। इस अवसर पर कानून की जानकारी देने के उद्देश्य से प्रकाशित पुस्तक “एक कदम कानून की ओर” का भी विमोचन किया गया।
न्याय को मोहल्लों तक पहुंचाने के लिए वार्ड क्रमांक 8 मन्नाडोल, तिफरा में विशेष मोहल्ला लोक अदालत भी आयोजित की गई। स्थायी लोक अदालत की पीठासीन अधिकारी प्रिसिल्ला पॉल होरो के मार्गदर्शन में नगर निगम के जलकर, संपत्ति कर, बिजली और सफाई जैसी जनोपयोगी सेवाओं से जुड़े 20,847 प्री-लिटिगेशन मामलों का निराकरण किया गया। इस दौरान जिला स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से निशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर भी लगाया गया। कार्यक्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव अनिल कुमार चौहान, सदस्य शालिनी मिरी सहित बड़ी संख्या में वार्डवासी मौजूद रहे।
लोक अदालत में बड़ी संख्या में पहुंचे लोगों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए बिलासपुर पंजाबी समाज द्वारा सराहनीय सेवा कार्य किया गया। गर्मी को देखते हुए समाज के सदस्यों ने करीब 3000 पानी के पाउच और 2000 भोजन पैकेट नि:शुल्क वितरित किए। समाज के इस सेवा भाव की न्यायपालिका सहित उपस्थित लोगों ने भी सराहना की।

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