

मुंगेली, 26 फरवरी 2026।
रामगोपाल गर्ग, पुलिस महानिरीक्षक बिलासपुर रेंज द्वारा 25 एवं 26 फरवरी को जिला मुंगेली का दो दिवसीय वार्षिक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान पुलिस अधीक्षक कार्यालय, थाना लोरमी, चिल्फी, फास्टरपुर तथा रक्षित केंद्र का विस्तृत अवलोकन किया गया।
जिला आगमन पर भोजराम पटेल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मुंगेली ने पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका स्वागत किया। निरीक्षण का उद्देश्य प्रशासनिक व्यवस्था की समीक्षा, अपराध नियंत्रण की स्थिति का मूल्यांकन तथा पुलिस कार्यप्रणाली में गुणवत्ता संवर्धन रहा।
प्रथम दिवस: कार्यालय एवं थानों का निरीक्षण
पहले दिन आईजी ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय मुंगेली के अभिलेखों एवं रिकॉर्ड का परीक्षण कर उन्हें अद्यतन एवं सुव्यवस्थित रखने के निर्देश दिए। इसके पश्चात थाना लोरमी, चिल्फी एवं फास्टरपुर का निरीक्षण किया गया।
उन्होंने लंबित अपराध, मर्ग, शिकायत एवं मुलाहिजा प्रकरणों के शीघ्र निराकरण के निर्देश देते हुए अनावश्यक लंबित रखने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी। सीसीटीएनएस प्रणाली के प्रभावी उपयोग, ई-साक्ष्य संकलन एवं समयावधि में चालान प्रस्तुत कर अपराधियों को सजा दिलाने पर विशेष जोर दिया गया।
बीट प्रणाली को सुदृढ़ करते हुए प्रत्येक आरक्षक को 3-4 गांवों का दायित्व सौंपने तथा जनप्रतिनिधियों, पुलिस मित्रों व शासकीय कर्मचारियों को जोड़कर व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से साइबर जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश भी दिए गए।

“सशक्त एप” और “अनुभव क्यूआर कोड” पर जोर
आईजी ने वाहन चोरी की बरामदगी में “सशक्त एप” के उपयोग को प्रभावी बताते हुए सभी पुलिस अधिकारियों को वाहन चेकिंग में सक्रियता बढ़ाने के निर्देश दिए। साथ ही “अनुभव क्यूआर कोड” के माध्यम से आम नागरिकों से पुलिस कार्यप्रणाली पर सीधे फीडबैक लेने की व्यवस्था को महत्वपूर्ण बताया।
द्वितीय दिवस: परेड निरीक्षण व शस्त्रागार भवन का लोकार्पण
दूसरे दिन रक्षित केंद्र मुंगेली में परेड का निरीक्षण किया गया। इस दौरान अधिकारियों एवं कर्मचारियों के वर्दी टर्नआउट, अनुशासन एवं ड्रिल का अवलोकन कर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वालों को नगद पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
पुलिस लाइन मुंगेली में नवनिर्मित तीन शस्त्रागार भवनों का लोकार्पण भी किया गया। दरबार लगाकर अधिकारियों-कर्मचारियों की समस्याएं सुनी गईं तथा आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया गया। यातायात व्यवस्था सुधारने के निर्देश देते हुए लापरवाही पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई।
आईजी ने स्पष्ट किया कि बेहतर पुलिसिंग, आसूचना संकलन और जनविश्वास बढ़ाने के लिए पारदर्शिता, जवाबदेही और संवेदनशील व्यवहार को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।
दो दिवसीय निरीक्षण के दौरान जिले के सभी थाना प्रभारी, अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
