

बिलासपुर। रायपुर से आई वन विभाग की राज्य स्तरीय उड़नदस्ता टीम ने शहर में दबिश देकर प्रतिबंधित प्रजाति के दो एलेक्जेंड्राइन पैराकिट (पहाड़ी तोता) के साथ दो युवकों को गिरफ्तार किया है। बताया जा रहा है कि यह दुर्लभ प्रजाति अचानकमार टाइगर रिजर्व के जंगलों से लाकर शहर में बेची जा रही थी।
लिंगियाडीह में घेराबंदी कर कार्रवाई
एसडीओ संदीप सिंह के नेतृत्व में रायपुर उड़नदस्ता टीम दोपहर करीब 12 बजे बिलासपुर पहुंची। स्थानीय वन मंडल कार्यालय में औपचारिकताएं पूरी करने के बाद टीम ने लिंगियाडीह क्षेत्र में घेराबंदी कर साहिल खरे और श्याम कुमार (18 वर्ष) को रंगे हाथों पकड़ा। तलाशी के दौरान उनके पास से थैले में रखे दो दुर्लभ पहाड़ी तोते बरामद किए गए।
वन विभाग ने मौके से बाइक क्रमांक CG 11 AR 2835 और मोबाइल फोन भी जब्त किया है। दोनों आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 (संशोधित 2022) की धारा 9, 39 और 51 के तहत मामला दर्ज कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें 3 मार्च तक न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
दो साल से कर रहे थे अवैध कारोबार
पूछताछ में आरोपी साहिल खरे ने स्वीकार किया कि वह पिछले दो वर्षों से वन्यजीवों की अवैध खरीद-बिक्री में संलिप्त है। उसने बताया कि तोते अचानकमार टाइगर रिजर्व और आसपास के जंगलों से तस्करी कर लाए जाते थे। इस अवैध नेटवर्क में स्थानीय ग्रामीणों की एक श्रृंखला शामिल है, जो जंगलों से पक्षियों को पकड़कर तस्करों तक पहुंचाती है।
सूत्रों के अनुसार, इस कार्रवाई की पूर्व सूचना स्थानीय बिलासपुर वन मंडल को नहीं थी। मामले की जांच जारी है और वन विभाग तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटा है।
