

बिलासपुर। अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय परिसर में 17 फरवरी को भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा स्थापित करने के दौरान बड़ा हादसा हो गया। क्रेन से मूर्ति उतारते समय संतुलन बिगड़ने से प्रतिमा एक श्रमिक के ऊपर गिर गई, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया।
जानकारी के अनुसार, मूर्ति स्थापना के दौरान क्रेन की बेल्ट से प्रतिमा फिसल गई और पास खड़े एक लेबर के दाहिने पैर पर गिर गई। हादसे में उसके पैर में गहरी चोट आई, साथ ही सिर के पीछे भी गंभीर चोटें बताई जा रही हैं। घायल श्रमिक को तत्काल अस्पताल ले जाया गया।
लापरवाही के आरोप
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, मूर्ति स्थापना कार्य में सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया गया था। आरोप है कि श्रमिकों को आवश्यक सुरक्षा उपकरण उपलब्ध नहीं कराए गए थे। साथ ही, मौके पर मौजूद छात्रों को घटना की वीडियोग्राफी करने से रोके जाने की भी बात सामने आई है।
सूत्रों का कहना है कि कुलपति प्रो. एडीएन वाजपेयी के कार्यकाल समाप्त होने से पहले प्रतिमा का अनावरण कराने की जल्दबाजी के कारण यह हादसा हुआ। घटना के बाद संबंधित इंजीनियर ई. लक्ष्मीकांत जायसवाल और अन्य अधिकारी मौके से चले गए। विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा घटना के बाद ठोस कार्रवाई नहीं किए जाने के भी आरोप लगे हैं।
कुलपति ने बताया थर्ड पार्टी का मामला
विश्वविद्यालय के कुलपति आचार्य अरुण दिवाकर नाथ वाजपेयी ने कहा कि मूर्ति लगाने का कार्य थर्ड पार्टी को सौंपा गया था और घटना उसी दौरान हुई। घायल श्रमिक को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। उन्होंने बताया कि क्षतिग्रस्त मूर्ति के स्थान पर नई मूर्ति बनवाई जाएगी।
वहीं कुलसचिव डॉ. तारणीश गौतम ने कहा कि क्रेन से मूर्ति उतारते समय बेल्ट से फिसलने के कारण हादसा हुआ। एक श्रमिक के पैर में चोट आई थी, जिसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया। उपचार के बाद उसे छुट्टी दे दी गई है।
घटना को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन की भूमिका और सुरक्षा व्यवस्थाओं पर सवाल उठ रहे हैं।
