
शशि मिश्रा

बिलासपुर। रतनपुर थाना पुलिस की कार्रवाई को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं। अरविंद उर्फ अन्नू जैन को 225 ग्राम गांजा के साथ गिरफ्तार कर एनडीपीएस एक्ट के तहत जेल भेजे जाने के मामले में उनकी पत्नी रश्मि जैन ने फर्जी जब्ती, मारपीट और रकम में हेरफेर के आरोप लगाए हैं।
रश्मि जैन का कहना है कि उनके पति लंबे समय से पुलिस के लिए मुखबिरी का काम कर रहे थे। आरोप है कि गांजे की सूचना नहीं देने पर थाना प्रभारी ने नाराज होकर उनके पति के खिलाफ कार्रवाई की। उनके अनुसार, महाशिवरात्रि पर आश्रम ले जाने के लिए अन्नू घर पर थोड़ा गांजा लाए थे। शनिवार शाम करीब साढ़े सात बजे वे अपनी किराना दुकान में बैठे थे, तभी पुलिस ने दुकान को घेरकर उन्हें पकड़ लिया।
87 हजार में से 2300 रुपए ही दिखाए
रश्मि का आरोप है कि दुकान में मकान किराया व अन्य भुगतान के लिए रखे 87 हजार रुपए थे, लेकिन जब्ती में केवल 2300 रुपए ही दर्शाए गए। उनका दावा है कि 225 ग्राम गांजा भी फर्जी तरीके से दर्शाया गया और वास्तविक मात्रा कम थी।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि एक आरक्षक गोदाम से कार्टून लाकर उसमें गांजा रखने की कोशिश कर रहा था, जिसका विरोध करने पर अन्नू की पिटाई की गई। बाद में उन्हें थाने ले जाकर एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई कर जेल भेज दिया गया।
नाबालिग व रिश्तेदारों से मारपीट का आरोप
रश्मि जैन ने बताया कि सूचना मिलने पर उन्होंने अपनी बड़ी बहन के दो बेटों को थाने भेजा था। आरोप है कि पुलिस ने दोनों को संवेदना कक्ष में बैठाकर मारपीट की। 16 वर्षीय नाबालिग और उसके बड़े भाई को पट्टे से पीटने का आरोप लगाया गया है। नाबालिग को बाद में छोड़ दिया गया, जबकि बालिग युवक के खिलाफ धारा 151 के तहत कार्रवाई कर न्यायालय में पेश किया गया।
जेल में जान का खतरा
रश्मि का कहना है कि जिस जेल में उनके पति बंद हैं, वहां एनडीपीएस के कई बड़े आरोपी निरुद्ध हैं, जिन्हें अन्नू ने पूर्व में पकड़वाने में पुलिस की मदद की थी। ऐसे में उनके पति की जान को खतरा है। किसी भी अनहोनी की जिम्मेदारी पुलिस की होगी।
पुलिस अधिकारियों की भूमिका पर सवाल
इस पूरे मामले में रतनपुर थाना प्रभारी निलेश पांडेय, एएसआई नरेश गर्ग, दिनेश तिवारी तथा आरक्षक संजय यादव और सोनू की भूमिका पर सवाल उठाए गए हैं। आरोप है कि करीब 100 ग्राम गांजे को अन्य कार्रवाई में जब्त गांजे से मिलाकर 225 ग्राम दिखाया गया, ताकि एनडीपीएस की सख्त धाराएं लगाई जा सकें।
जांच की बात
एएसपी ग्रामीण मधुलिका सिंह ने कहा कि रतनपुर में गांजे के मामले में कार्रवाई हुई है। यदि जबरन या गलत तरीके से कार्रवाई किए जाने की शिकायत है, तो इसकी जांच कराई जाएगी। जांच में यदि थाना प्रभारी या टीम की गलती सामने आती है, तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चा का माहौल है और पुलिस की कार्रवाई पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
