नाले से बाहर निकला जिंदा युवक, जेसीबी से स्लैब तोड़कर रेस्क्यू, शहर में मची सनसनी


बिलासपुर।
शहर में शुक्रवार सुबह एक अजीब और चौंकाने वाली घटना सामने आई, जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी। पुराने बस स्टैंड के पास स्थित नाले से अचानक एक युवक का हाथ बाहर निकलता देख लोगों की भीड़ जमा हो गई। कुछ ही देर में यह खबर आसपास फैल गई और मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, नाले की स्लैब के नीचे से युवक हाथ निकालकर लोगों को आवाज लगा रहा था। पहले तो लोगों को समझ ही नहीं आया कि मामला क्या है, लेकिन जब युवक ने बार-बार मदद की गुहार लगाई तो इसकी सूचना तुरंत नगर निगम और पुलिस को दी गई। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जेसीबी मशीन मंगाई गई और नाले की स्लैब को तोड़कर युवक को बाहर निकाला गया।


रेस्क्यू के बाद युवक ने अपना नाम राम कुमार चौहान, पिता फूलसाय चौहान बताया। उसने खुद को जोंधरा क्षेत्र का निवासी बताया है। युवक की उम्र करीब 32 से 34 वर्ष के बीच बताई जा रही है। हालांकि, युवक की बातें सुनकर लोग और अधिकारी भी असमंजस में पड़ गए। वह कभी इधर-उधर की बातें करता दिखा तो कभी हास्यास्पद जवाब देता रहा।
स्थानीय लोगों का कहना है कि युवक पिछले करीब पांच दिनों से नाले के भीतर फंसा हुआ था, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई है। सबसे हैरानी की बात यह रही कि इतने दिनों तक नाले के भीतर रहने के बावजूद युवक गंभीर रूप से घायल नहीं दिखा, जिससे कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं।


पुलिस और नगर निगम अधिकारियों ने बताया कि युवक के संबंध में फिलहाल उनके पास कोई ठोस जानकारी उपलब्ध नहीं है। प्रारंभिक पूछताछ में युवक किसी स्पष्ट कारण या घटना के बारे में कुछ खास नहीं बता पाया। ऐसे में यह साफ नहीं हो सका है कि युवक की मानसिक स्थिति ठीक नहीं है, या फिर वह सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल करने के लिए जानबूझकर नाले में घुसा था।
घटना का वीडियो शनिवार को इंस्टाग्राम पर वायरल हो गया, जिसके बाद यह मामला पूरे शहर में चर्चा का विषय बन गया है। लोग तरह-तरह के कयास लगा रहे हैं। फिलहाल पुलिस युवक से पूछताछ कर रही है और उसके परिजनों की तलाश की जा रही है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि युवक नाले के भीतर पहुंचा कैसे और इतने दिनों तक वहां कैसे जीवित रहा।
यह घटना न सिर्फ शहरवासियों के लिए हैरान करने वाली है, बल्कि नालों की सुरक्षा व्यवस्था और खुले स्लैब जैसे खतरों पर भी एक बड़ा सवाल खड़ा करती है।

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