

बिलासपुर।
रेत की चोरी के लिए पहले से बदनाम ग्राम लोखंडी में अब माफिया ने नया तरीका अपना लिया है। ग्रामीणों के अनुसार, रेत तस्कर सूखे तालाब को अवैध डंपिंग यार्ड के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं। दिन में जहां रेत की आवाजाही बेहद कम दिखाई देती है, वहीं असली खेल रात के अंधेरे में शुरू होता है। रातभर ट्रैक्टरों के जरिए तालाब में छिपाकर रखी गई रेत को सीधे ग्राहकों के घरों तक सप्लाई किया जा रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि दिन में रेत ले जाना जोखिम भरा होता है, क्योंकि लोगों की नजर पड़ जाती है, जबकि रात में बिना किसी रोक-टोक के यह काम आसानी से किया जाता है। तस्कर अरपा नदी से रेत चोरी कर दीनदयाल कॉलोनी के पीछे स्थित खाली तालाब में डंप करते हैं और फिर जरूरत के मुताबिक वहां से सप्लाई करते हैं।
तालाब तक आने-जाने के कई रास्ते, निगरानी से बचने की पूरी व्यवस्था
मौके पर देखा गया कि तालाब तक पहुंचने के लिए दो रास्ते बनाए गए हैं, जबकि बाहर निकलने के बाद तीन अलग-अलग रास्ते उपलब्ध हैं। पहला रास्ता ग्राम लोखंडी की ओर जाता है, दूसरा दीनदयाल कॉलोनी की तरफ खुलता है और तीसरा रास्ता दीनदयाल कॉलोनी व लोखंडी को जोड़ने वाली सड़क पर निकलता है। इन वैकल्पिक रास्तों के कारण तस्कर आसानी से निगरानी से बच निकलते हैं।
भीतर कच्चे रास्ते, बाहर सीसी रोड का फायदा
लोखंडी का यह सूखा तालाब काफी गहरा है। पहले इसमें ट्रैक्टर या हाइवा का उतरना संभव नहीं था, लेकिन अब माफिया ने तालाब में उतरने के लिए दो कच्चे रास्ते खुद बना लिए हैं। इन्हीं रास्तों से रेत डंप की जाती है और फिर सप्लाई के लिए बाहर निकाला जाता है। तालाब से बाहर निकलते ही सीसी रोड है, जिसका निर्माण पंचायत द्वारा कराया गया है, जिससे भारी वाहनों की आवाजाही आसान हो जाती है।
नदी से एक किलोमीटर दूर तालाब, इसलिए नहीं पड़ती नजर
तालाब और अरपा नदी के बीच की दूरी करीब एक किलोमीटर है। नदी से रेत की अंधाधुंध खुदाई कर उसे तालाब में जमा कर दिया जाता है। तालाब मुख्य सड़क से अंदर होने के कारण वहां चल रही गतिविधियों पर आसानी से किसी की नजर नहीं पड़ती, जिसका फायदा तस्कर खुलेआम उठा रहे हैं।
पहले भी विवादों में रहा है लोखंडी रेत घाट
लोखंडी रेत घाट में वर्षों से अवैध उत्खनन होता आ रहा है। माफिया नदी में रैंप बनाकर मनमाने ढंग से खुदाई करते रहे हैं। हालत यह है कि अब इस घाट में रेत बेहद कम बची है। कई बार यहां कार्रवाई भी हो चुकी है। हाईकोर्ट की नाराजगी के बाद तत्कालीन एसपी पारूल माथुर के कार्यकाल में पुलिस और खनिज विभाग की संयुक्त टीम ने यहां छापेमारी की थी। कुछ वर्ष पहले बारिश के मौसम में रात के समय खुदाई के दौरान पोकलेन मशीन नदी में डूब गई थी, जिसे पानी उतरने के बाद बाहर निकाला गया।
खनिज विभाग का दावा—टीम भेजकर होगी कार्रवाई
इस पूरे मामले में खनिज विभाग की माइनिंग ऑफिसर सबीना बेगम ने कहा है कि जहां भी रेत की अवैध डंपिंग की जानकारी मिलेगी, वहां विभाग की ओर से कार्रवाई की जाएगी। लोखंडी क्षेत्र में भी टीम भेजकर अभियान चलाया जाएगा।
हालांकि, जमीनी हकीकत यह है कि रेत माफिया बेखौफ होकर रातभर सप्लाई कर रहे हैं और प्रशासनिक कार्रवाई का इंतजार अब भी बना हुआ है।
