
बिलासपुर। नेहरू चौक से दर्रीघाट तक प्रस्तावित सड़क निर्माण की प्रक्रिया अब ज़मीन पर उतरने लगी है। सड़क निर्माण से पहले जूना बिलासपुर क्षेत्र में नाली निर्माण का कार्य शुरू किया जा रहा है। गुरुवार को निगम की ओर से सड़क किनारे मार्किंग की गई, जिसमें 100 से अधिक दुकानों के चबूतरे जद में आए हैं। शुक्रवार से जेसीबी मशीनों के जरिए इन चबूतरों को तोड़कर हटाने की कार्रवाई शुरू होगी।
निगम अधिकारियों के अनुसार, सड़क निर्माण से पहले सबसे जरूरी काम नाली बनने वाली जगह को अतिक्रमण मुक्त करना है। पचरीघाट से एमएलबी स्कूल तक नाली निर्माण का कार्य पहले ही शुरू कर दिया गया है। हालांकि नागोराव स्कूल लाइन में नाली नहीं होने के कारण बरसात में पानी सड़क पर बहता है, जिससे सड़क को लगातार नुकसान पहुंच रहा था। इसी को देखते हुए अब नेहरू चौक से दर्रीघाट सड़क परियोजना में सबसे पहले नाली निर्माण किया जा रहा है।
जूना बिलासपुर क्षेत्र में सड़क अभी सिंगल और टू-लेन है, जबकि गांधी चौक से लालखदान तक सड़क फोरलेन है। सिंगल सड़क के दोनों ओर दुकानों के सामने बने चबूतरे सड़क चौड़ीकरण में बाधा बन रहे थे। निगम ने पहले ही अतिक्रमणकारियों को नोटिस जारी कर दिया था। राहत की बात यह रही कि अब तक किसी भी व्यापारी ने कार्रवाई का विरोध नहीं किया है।
नेहरू चौक से दर्रीघाट सड़क निर्माण का वर्क ऑर्डर 31 दिसंबर को जारी किया गया था। ठेकेदार को तैयारी के लिए एक माह का समय दिया गया था। तय समय सीमा के बाद अब नाली निर्माण के साथ कार्य को औपचारिक रूप से शुरू कर दिया गया है।
32 करोड़ की लागत से बनेगी 10.71 किमी लंबी सड़क
नेहरू चौक से दर्रीघाट तक 32 करोड़ रुपए की लागत से सड़क का निर्माण किया जाएगा। सड़क की कुल लंबाई 10.71 किलोमीटर होगी। नेहरू चौक से लालखदान तक सड़क का डामरीकरण किया जाएगा, जबकि लालखदान से मस्तूरी तक 3.86 किलोमीटर लंबी फोरलेन सड़क बनेगी। यह फोरलेन सड़क दोनों ओर सात-सात मीटर चौड़ी होगी, बीच में डिवाइडर रहेगा और दोनों ओर नाली का निर्माण किया जाएगा।
यह सड़क आगे चलकर एनएचएआई के अंतर्गत सरगांव सड़क से जुड़ेगी। भू-अर्जन की प्रक्रिया पहले ही पूरी हो चुकी है। वर्तमान में गांधी चौक से लालखदान तक ही फोरलेन सड़क उपलब्ध है।
ट्रैफिक दबाव कम करने मिलेगी बड़ी राहत
तोरवा चौक से लालखदान तक फोरलेन सड़क पहले से मौजूद है, लेकिन लालखदान से ढेका होते हुए सरगांव हाइवे तक जाने वाली मस्तूरी सड़क सिंगल होने के कारण ट्रैफिक दबाव लगातार बढ़ता जा रहा था। पिछले कुछ वर्षों में यहां यातायात तीन गुना से अधिक बढ़ चुका है। फोरलेन बनने के बाद गांधी चौक से सीधे ढेका और सरगांव तक निर्बाध फोरलेन कनेक्टिविटी मिल सकेगी।
