

बिलासपुर।
कोटा थाना परिसर से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें मारपीट और हथियार से हमले के बाद थाने पहुंचे दो पक्ष पुलिस के सामने ही गाली-गलौज और धमकियां देते नजर आ रहे हैं। वीडियो में एक सिपाही दोनों पक्षों को कैमरे लगे होने की बात कहकर बाहर भेजते हुए दिखाई दे रहा है। इसके बावजूद अब तक मामले में किसी भी पक्ष के खिलाफ अपराध दर्ज नहीं किया गया है।
घटना सोमवार रात की बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार राम सोनी अपने घर पर मौजूद थे, तभी कांग्रेसी नेता संतोष मिश्रा उर्फ छोटे महाराज पुराने विवाद को लेकर वहां पहुंचा और घर में घुसने का प्रयास किया। इसी दौरान दोनों के बीच झूमाझटकी हुई, जिसमें राम ने संतोष को पटक दिया। इसके बाद संतोष हथियार लेकर दोबारा पहुंचा और राम पर हमला करने की कोशिश की। बीच-बचाव के दौरान राम की उंगलियों में गंभीर चोट आई है।
घटना के बाद घायल राम सोनी भाजपा नेता विकास सिंह और उनके साथियों के साथ कोटा थाने पहुंचा। इसी दौरान संतोष मिश्रा और उसके साथियों के साथ थाने के बाहर फिर मारपीट हुई। बाद में दोनों पक्ष थाने के भीतर पहुंचे, जहां राम सोनी, विकास सिंह और संतोष मिश्रा के बीच जमकर गाली-गलौज हुई। इसी दौरान थाने के भीतर का वीडियो रिकॉर्ड होकर वायरल हो गया।
हथियार को लेकर अलग-अलग दावे
इस मामले में एसडीओपी कोटा नुपूर उपाध्याय ने बताया कि घटना में तलवार नहीं बल्कि सब्जी काटने वाला चाकू इस्तेमाल किया गया था। उन्होंने कहा कि एमएलसी के बाद एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया चल रही थी, लेकिन दोनों पक्षों ने आपसी समझौता कर लिया। प्रार्थी पक्ष ने लिखित आवेदन देकर शिकायत वापस ले ली है। हालांकि पुलिस सभी मारपीट में शामिल लोगों के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई करते हुए अधिकतम राशि पर बांड भरवाने की कार्रवाई कर रही है।
टीआई बोले— थाने के बाहर का मामला
वहीं कोटा थाना प्रभारी नरेश चौहान ने पूरे घटनाक्रम को थाने के बाहर का मामला बताया है। हथियार से हमले के बावजूद एफआईआर दर्ज नहीं होने के सवाल पर उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों में समझौता हो जाने के कारण अपराध दर्ज नहीं किया गया है।
फिलहाल वायरल वीडियो को लेकर पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं और मामले को लेकर चर्चाओं का दौर जारी है।
