

कांग्रेस नेता अरविंद शुक्ला ने बजट को लेकर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि 2026 के बजट बता रहा है कि मोदी सरकार 20 साल बाद की सोच रही है। उसके पास आज की समस्याओं का जवाब 2047 के भारत में होगा। 2014 से 26 के बीच की नाकामी इतनी बड़ी हो चुकी है कि अब सरकार के पास निकट भविष्य के लिए कुछ नहीं है। केवल बातें हैं । और जो बातें भी हैं वो किसी और देश की किताब से उठा कर लाई गई हैं और कुछ राजनीति की अपनी कोरी कल्पनाओं से।
कांग्रेस नेता अरविंद शुक्ला ने आरोप लगाया कि शराब की दुकानों की संख्या बढ़ाने के साथ ही कीमतें भी बढ़ा दी गई हैं, जिससे अवैध शराब के कारोबार को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने प्रदेश की धान खरीदी व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। अरविंद शुक्ला ने कहा कि डबल इंजन सरकार धान खरीदी में विफल रही है। 31 तारीख गुजरने के बावजूद किसान सड़कों पर उतरे रहे।
अरविंद ने कहा कि भाजपा नेता अपने ही बचत धान नहीं बेच पाए तो आम किसानों की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है। प्रधानमंत्री द्वारा दी गई 3100 रुपये प्रति क्विंटल में धान खरीदी की गारंटी पूरी नहीं हो पाई। छोटे किसानों से समर्पण कराया गया, जबकि बड़े किसानों को टोकन तक नहीं मिले।
केंद्रीय बजट पर पूर्व जिला अध्यक्ष विजय केशरवानी ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अब तक के सबसे कमजोर बजट है ,जिसमे किसान,मजदूर, निम्न ,मध्यम वर्ग और आम जनता के हिस्से में कुछ नही आया,उद्योगपतियों के लिए लाभप्रद है, विजन 2047 की है पर वर्तमान कष्ट प्रद, संकट में है
,इस बजट में महंगाई को रोकने के लिए कोई चर्चा नही है, बजट की असफलता इसी लगाया जा सकता है कि आज शेयर मार्केट में लगभग 6 लाख करोड़ निवेशकों का डूब गया ,मोदी सरकार ने इस बजट में सबसे ज्यादा चोट शिक्षा पर की है, क्योकि शिक्षा की राशि मे बड़ी कटौती की है ,कुल मिलाकर यह बजट अलोकप्रिय ,जनता को महंगाई की दलदल में धकेलने वाली है ,निराशा पूर्ण बजट है।
