
शशि मिश्रा

बिलासपुर। सरकारी योजना का लाभ लेने के लिए पत्नी को कागजों में “मृत” घोषित कर फर्जी दस्तावेज तैयार करने वाले आरोपी पति को थाना बिर्रा पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। आरोपी ने छलपूर्वक गलत तिथि का मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाकर मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना के तहत एक लाख रुपए की राशि हासिल कर ली थी।
पुलिस के अनुसार आरोपी अशोक पटेल ने अपनी पत्नी से जुड़े दस्तावेजों में हेरफेर कर कुटरचित (फर्जी) कागजात तैयार किए। उसने पत्नी की वास्तविक स्थिति छिपाते हुए गलत तारीख का मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाया और इसके आधार पर छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार मंडल का हितग्राही परिचय पत्र भी बनवा लिया। इन दस्तावेजों के जरिए उसने शासन की सहायता योजना का लाभ उठाते हुए एक लाख रुपए की आर्थिक सहायता प्राप्त कर ली।
मामले की शिकायत मिलने पर पुलिस ने जांच शुरू की, जिसमें दस्तावेजों की सत्यता संदिग्ध पाई गई। जांच में खुलासा हुआ कि मृत्यु प्रमाण पत्र में दर्शाई गई जानकारी पूरी तरह फर्जी है और आरोपी ने जानबूझकर धोखाधड़ी कर योजना का लाभ लिया।
साक्ष्यों के आधार पर थाना बिर्रा पुलिस ने आरोपी अशोक पटेल को गिरफ्तार कर लिया और उसके खिलाफ धोखाधड़ी, कूटरचना सहित अन्य संबंधित धाराओं में अपराध दर्ज किया गया। पूछताछ के बाद उसे न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की योजनाओं में फर्जीवाड़ा करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही लोगों से अपील की गई है कि किसी भी सरकारी योजना का लाभ नियमों के अनुसार ही लें, अन्यथा कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।
