

बिलासपुर।
अचानकमार टाइगर रिजर्व (एटीआर) में शनिवार को जंगल सफारी के दौरान पर्यटकों को बाघ दिखाई दिया। सफारी के दौरान बाघ दिखने की यह पहली घटना मानी जा रही है, जिससे पर्यटकों में खासा रोमांच देखा गया। वहीं, वन विभाग के अधिकारी भी इस घटना से उत्साहित हैं, क्योंकि अब तक सफारी के दौरान बाघ नजर नहीं आने से पर्यटकों में निराशा रहती थी।
जानकारी के अनुसार, दोपहर बाद एटीआर पहुंचे एक परिवार को इवनिंग सफारी में शामिल होने का अवसर मिला। सफारी के दौरान जब वाहन आधा रास्ता भी तय नहीं कर पाया था, तभी चालक ने गाड़ी रोक दी। कच्ची सड़क के दूसरी ओर एक बाघ जंगल की दिशा में जाता दिखाई दिया। पहले चालक और गाइड ने बाघ को देखा, बाद में गाइड के इशारे पर पर्यटकों ने भी बाघ को झाड़ियों की ओर जाते हुए देखा।
कुछ ही मिनटों बाद वाहन चालक छोटेलाल मरकाम ने गाड़ी आगे बढ़ाई, जहां एक पेड़ के नीचे खड़े बाघ को पर्यटकों ने साफ तौर पर देखा। टूरिस्ट गाइड कुशल टिलवानी ने पर्यटकों को बाघ की ओर ध्यान दिलाया। बाघ लगभग एक मिनट तक वहीं खड़ा रहा और फिर जंगल की ओर चला गया। इस दौरान पर्यटकों ने चलते हुए बाघ की तस्वीरें भी लीं।
पर्यटकों के अनुसार, बाघ कुछ कमजोर और थका हुआ दिखाई दे रहा था। उसकी चाल धीमी थी, जिससे अनुमान लगाया जा रहा है कि वह उम्रदराज हो सकता है। सफारी पूरी होने के बाद परिवार ने इस संबंध में एटीआर प्रबंधन के अधिकारियों को जानकारी दी।
बाघ के दीदार से पर्यटक बेहद खुश और उत्साहित नजर आए। वन विभाग को भी उम्मीद है कि इस तरह की घटनाओं से अचानकमार टाइगर रिजर्व की पहचान बढ़ेगी और भविष्य में पर्यटकों की संख्या में इजाफा होगा।
